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हरित उर्जा में मोदी सरकार की रिकॉर्ड उपलब्धि, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा- भारत ने पेरिस समझौते से 5 साल पहले ही हासिल किया लक्ष्य

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 484.8 गीगावाट में से 242.8 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त होती है.

केंद्र सरकार ने मंगलवार (15 जुलाई) को कहा कि भारत आधिकारिक तौर पर अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-Fossil Fuel) स्रोतों से प्राप्त करता है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में एक मील का पत्थर हासिल हुआ है.

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि यह उपलब्धि पेरिस समझौते में राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) के तहत निर्धारित लक्ष्य से पांच साल पहले हासिल की गई है.

मंत्रालय ने कहा कि भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 484.8 गीगावाट में से 242.8 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त होती है. एनर्जी इंस्टीट्यूट की ग्लोबल एनर्जी की सांख्यिकीय समीक्षा के अनुसार, भारत ने 2024 में 2,030 टेरावाट-घंटे बिजली का उत्पादन किया और इसमें से 240.5 टेरावाट-घंटे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त हुई.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “जलवायु समाधान चाहने वाली दुनिया में, भारत राह दिखा रहा है. 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले 50% गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व भारत के हरित परिवर्तन को गति दे रहा है – एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहा है.”

यह कैसे हासिल हुआ?

भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को (PM-KUSUM), पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, सोलर पार्क विकास और राष्ट्रीय पवन-सौर हाइब्रिड नीति जैसी योजनाओं ने गति दी है और इन सभी ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना ने लाखों किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप प्रदान किए हैं, जिससे टिकाऊ और ऊर्जा-सुरक्षित कृषि को बढ़ावा देने में मदद मिली है.

इस बीच, 2024 में शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ने छतों पर सौर पैनल लगाने का मार्ग प्रशस्त किया है. इसका उद्देश्य एक करोड़ घरों तक सौर ऊर्जा पहुँचाना, विकेन्द्रीकृत ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करना और नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदार बनाना है.


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-भारत एक्सप्रेस



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