India Russia Summit: रूस की राजधानी मॉस्को में इस साल के अंत तक भारत और रूस के बीच एक अहम द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन होने की संभावना है. रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने उम्मीद जताई है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में शामिल होंगे.
पुतिन का निमंत्रण और उम्मीद
रुडेंको के अनुसार, इस बार सम्मेलन की मेजबानी रूस कर रहा है और व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को आधिकारिक यात्रा का निमंत्रण दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित बातचीत और संपर्क बनाए रखना बहुत जरूरी है, ताकि रिश्ते और मजबूत हो सकें.
पिछली बैठकों में क्या हुआ
पिछले साल दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन भारत आए थे और दो दिनों तक कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक की, जिसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
इसके बाद 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन भी हुआ, जिसमें दोनों देशों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया. इसमें भविष्य में सहयोग बढ़ाने की योजनाओं पर जोर दिया गया, खासकर ऊर्जा, परमाणु शक्ति, रक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में.
मोदी की रूस यात्राएं
साल 2024 में प्रधानमंत्री मोदी दो बार रूस गए थे. पहली बार जुलाई में शिखर सम्मेलन के लिए और दूसरी बार अक्टूबर में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए. इन यात्राओं ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत किया.
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मजबूत होते भारत-रूस संबंध
भारत और रूस लंबे समय से एक-दूसरे के भरोसेमंद साझेदार रहे हैं. साल 2000 में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की थी, जिससे रिश्तों में बड़ा सुधार आया. साल 2010 में पुतिन की भारत यात्रा के दौरान इस संबंध को ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया. तब से दोनों देश राजनीति, रक्षा, व्यापार, विज्ञान और संस्कृति जैसे कई क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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