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2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य, भारत में परमाणु विकास को मिल रही नई रफ्तार

Clean Energy Goals of india: भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु विद्युत उत्पादन का लक्ष्य तय किया है. वर्तमान में 25 संयंत्र संचालित हैं और 8 निर्माणाधीन हैं. तेजी से प्रगति के लिए नीति और निवेश पर बल दिया गया.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Atomic Power Plants in india: भारत ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु विद्युत उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. यह जानकारी संसद की परामर्शदात्री समिति की बैठक में सामने आई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने की. इस बैठक में देशभर में परमाणु ऊर्जा के विकास, प्रौद्योगिकी विविधिकरण और परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन को लेकर रोडमैप तैयार किया गया.

देश में मौजूदा परमाणु स्थिति और भविष्य की योजना

फिलहाल देश के सात स्थानों पर 25 परमाणु संयंत्रों का संचालन हो रहा है, जिनकी कुल क्षमता 8,880 मेगावाट है और ये बिजली उत्पादन में लगभग 3% योगदान करते हैं. इसके अतिरिक्त 6,600 मेगावाट क्षमता वाले आठ रिएक्टर निर्माणाधीन हैं, जबकि 7,000 मेगावाट की क्षमता वाले दस रिएक्टर योजना चरण में हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य है कि भारत 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करे. इसके लिए गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी को बढ़ाना जरूरी है, जिसमें परमाणु ऊर्जा एक प्रमुख भूमिका निभाएगी.

मनोहर लाल का गुजरात का दौरा और ऊर्जा पर बैठकें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने अपने गुजरात दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने राज्य में चल रही और आगामी ऊर्जा एवं शहरी विकास परियोजनाओं पर चर्चा की, जिसमें ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में तेज़ी लाने पर सहमति बनी.

उन्होंने गांधीनगर स्थित पंडित दीनदयाल ऊर्जा विश्वविद्यालय का भी दौरा किया और वहां 45 मेगावाट की सौर पीवी असेंबली लाइन का निरीक्षण किया. साथ ही, काकरापार में निर्मित स्वदेशी टेक्नोलॉजी आधारित परमाणु संयंत्र का अवलोकन किया, जिसे ‘मेक इन इंडिया’ की एक बड़ी उपलब्धि बताया गया.

परियोजनाओं में तेजी और जन-जागरूकता पर जोर

मंत्री ने कहा कि परियोजनाओं की समयसीमा को कम करने, कर रियायतें, हरित ऊर्जा वर्गीकरण, और दीर्घकालिक वित्तपोषण जैसे उपायों से परमाणु ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही उन्होंने जनजागरूकता बढ़ाने और परमाणु ऊर्जा की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक सार्वजनिक धारणा बनाने की आवश्यकता बताई.



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