भारत और अमेरिका के रिश्तों में एक बार फिर नई गर्माहट देखने को मिली है. लंबे समय से अटकी इंडिया-US ट्रेड डील पर आखिरकार सहमति बनती नजर आ रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक असमंजस काफी हद तक खत्म हो गया है. इस बातचीत का असर सीधे भारत के निर्यात और वैश्विक व्यापार पर पड़ता दिख रहा है.
Trump को बताया प्रिय मित्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को “प्रिय मित्र” बताते हुए लिखा कि उनसे बात करके उन्हें बेहद खुशी हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि यह जानकर खास संतोष मिला कि अब ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर अमेरिका में लगने वाला टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने इस फैसले के लिए भारत की 140 करोड़ जनता की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद भी किया.
Wonderful to speak with my dear friend President Trump today. Delighted that Made in India products will now have a reduced tariff of 18%. Big thanks to President Trump on behalf of the 1.4 billion people of India for this wonderful announcement.
When two large economies and the…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 2, 2026
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो उससे दोनों देशों के नागरिकों को सीधा लाभ होता है और सहयोग के नए अवसर खुलते हैं. उन्होंने वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का समर्थन करता है.
25% नहीं, अब भारत पर सिर्फ 18% टैरिफ
प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस डील की जानकारी दी थी. ट्रंप ने पीएम मोदी को अपना मित्र बताते हुए लिखा कि आपसी सम्मान और दोस्ती के चलते भारत के अनुरोध पर तत्काल प्रभाव से अमेरिका और भारत एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं.
ट्रंप ने साफ किया कि भारत पर अब 25 फीसदी का टैरिफ नहीं लगेगा, बल्कि इसे घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर अपने टैरिफ को शून्य करने की दिशा में आगे बढ़ेगा. यह बयान दोनों देशों के बीच व्यापारिक संतुलन को लेकर बेहद अहम माना जा रहा है.
50% टैरिफ से 18% तक का सफर
हालांकि भारत में सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी किया गया है? दरअसल, अप्रैल में अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में रूस से तेल खरीद को लेकर दोगुना कर 50 फीसदी कर दिया गया था. यूक्रेन युद्ध के बीच ट्रंप प्रशासन ने भारत पर रूस की आर्थिक मदद करने का आरोप लगाया था.
इस भ्रम को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दूर किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप-मोदी बातचीत के बाद भारत पर कुल टैरिफ अब 18 फीसदी ही रहेगा. हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि कागजी प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताओं में थोड़ा वक्त लग सकता है.
रूसी तेल पर फिर ट्रंप का दबाव
टैरिफ कट के साथ ही रूसी तेल का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है. ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूस से तेल की खरीद कम करेगा. इसके बदले अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से ज्यादा तेल और गैस खरीदी जा सकती है. ट्रंप ने कहा कि ट्रेड डील सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें ऊर्जा, भू-राजनीति और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दे भी शामिल हैं.
500 अरब डॉलर की खरीदारी की उम्मीद
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समझौते के बाद भारत से अमेरिका को 500 अरब डॉलर से ज्यादा की खरीदारी की उम्मीद है. इसमें ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, कृषि उत्पाद, कोयला और अन्य अमेरिकी सामान शामिल होंगे. ट्रंप के मुताबिक यह डील ‘बाय अमेरिकन’ पॉलिसी को भी मजबूती देगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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