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महज एक हफ्ते में 4 घातक युद्धपोत नौसेना में हुए शामिल, क्या भारत कुछ बड़ा प्लान कर रहा है?

भारतीय नौसेना ने महज एक हफ्ते में 4 अत्याधुनिक युद्धपोत शामिल कर अपनी ताकत में बड़ा इजाफा किया है. रक्षा विशेषज्ञ इसे हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक बढ़त और बड़े ऑपरेशन की तैयारी मान रहे हैं…

Indian Navy 4 warships in a week: भारतीय नौसेना के इतिहास में पिछला एक सप्ताह किसी ‘गोल्डन पीरियड’ से कम नहीं रहा है. जहां दुनिया भर की नौसेनाएं एक-एक युद्धपोत को बेड़े में शामिल करने के लिए सालों का इंतजार करती हैं, वहीं ‘नए भारत’ ने महज 7 दिनों के भीतर 4 अत्याधुनिक जंगी जहाजों को समंदर में उतारकर अपनी धाक जमा दी है. ये सिर्फ जहाजों की डिलीवरी नहीं है, बल्कि हिंद महासागर में भारत की ‘सुपरपावर’ बनने की सीधी घोषणा है.

7 दिन और 4 ‘साइलेंट किलर’: भारत का नया चक्रव्यूह

पिछले सात दिनों में भारतीय नौसेना की ताकत में जो इजाफा हुआ है, उसने समंदर के समीकरण बदल दिए हैं. आइए जानते हैं उन 4 योद्धाओं के बारे में जिन्होंने एक हफ्ते में भारतीय बेड़े की सूरत बदल दी:

1.INS तारागिरी (स्टेल्थ फ्रिगेट): यह इस हफ्ते का सबसे बड़ा ‘गेमचेंजर’ है. रडार की नजरों से बच निकलने में माहिर यह जहाज ब्रह्मोस जैसी विनाशकारी मिसाइलों से लैस है. इसे आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने औपचारिक रूप से वि शाखापट्टनम में देश को समर्पित किया.

2.INS दूनागिरी (स्टेल्थ फ्रिगेट): गार्डन रीच शिपबिल्डर्स (GRSE) द्वारा सौंपा गया यह जहाज समंदर में भारत की ‘तीसरी आंख’ और ‘सबसे मजबूत ढाल’ बनेगा. यह दुश्मन के विमानों और जहाजों को दूर से ही भांप कर उन्हें तबाह क रने की क्षमता रखता है.

3.INS अग्रय (पनडुब्बी रोधी): यह पनडुब्बियों का काल है. तटीय इलाकों में छिपे दुश्मन की सबमरीन को ढूंढकर उन्हें पानी के अंदर ही खत्म करने के लिए इसे डिजाइन किया गया है.

4.INS संशोधक (सर्वे वेसल): यह जहाज समंदर की गहराइयों का एक्स-रे करने में सक्षम है. रणनीतिक डेटा जुटाने और युद्ध के समय सटीक नेविगेशन के लिए यह भारत का सबसे बड़ा हथियार साबित होगा.

क्यों  चौंकाने वाली है यह रफ्तार?

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक सप्ताह के भीतर 4 बड़े प्लेटफॉर्म्स का शामिल होना भारतीय शिपयार्ड्स और नौसेना की जबरदस्त ‘सिंक्रोनाइज़ेशन’ को दर्शाता है. इनमें 75 से 80 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है. यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ का वो चेहरा है जिसे देखकर अब दुनिया हैरान है.

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क्या किसी ‘बड़े ऑपरेशन’ की है तैयारी?

सिर्फ 7 दिन में इतनी बड़ी ताकत का जुटना महज इत्तेफाक नहीं लग रहा है. जिस तरह से खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की चिंगारियां भड़क रही हैं, भारत ने अपनी ‘एनर्जी सप्लाई’ और समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने के लिए यह ‘क्विक डिप्लॉयमेंट’ मोड अपनाया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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