Instagram Fake Identity Case
Instagram Fake Identity Case: सोशल मीडिया के दौर में फर्जी पहचान बनाकर लोगों को ठगने और झांसे में लेने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य शहडोल जिले से सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर अमीरी और आलीशान जिंदगी का दिखावा कर एक युवक ने 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया.
पुताई करने वाले ने खुद को बताया अमीर
जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक मूल रूप से घरों में पुट्टी-पुताई और रंगाई का काम करता था. हालांकि सोशल मीडिया पर उसने अपनी अलग ही पहचान बना रखी थी. इंस्टाग्राम अकाउंट पर वह खुद को बिजनेसमैन बताता था. इंस्टाग्राम पर आरोपी ने आलीशान मकानों की फोटो पोस्ट की थी. आलीशान मकानों को वह खुद का घर बताता था. जबकि सच्चाई यह थी कि जिसे वह खुद के घर बताता था वह उसके घर नहीं थे बल्कि उन घरों में उसने रंगाई-पुताई की थी. सोशल मीडिया पर उसकी प्रोफाइल देखकर लगता था जैसे वह किसी रईस घर का है.
झूठी इंस्टाग्राम आईडी से छात्रा को फंसाया और भगा ले गया
बताया जा रहा है कि जैतपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय कॉलेज छात्रा की युवक से इंस्टाग्राम के माध्यम से पहचान हुई थी. बातचीत का सिलसिला धीरे-धीरे बढ़ा और युवक ने अपनी झूठी पहचान तथा बनावटी लाइफस्टाइल के जरिए छात्रा का भरोसा जीत लिया. सोशल मीडिया पर दिखाई गई चमक-दमक और अमीरी से प्रभावित होकर छात्रा उसके करीब आ गई. इतना ही नहीं छात्रा अपना घर छोड़ युवक के साथ चली गई. आरोपी ग्वालियर से जैतपुर आया और युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया.
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पुलिस ने साइबर सेल की मदद से साल्व किया केस
छात्रा के अचानक गायब होने से परेशान परिजनों ने 6 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई. अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ- साथ साइबर सेल की मदद ली. जांच में पता चला कि युवती मुरैना के एक गांव में है.पुलिस एक टीम तैयार कर ग्वालियर-मुरैना के लिए निकल गई. लगातार जांच पड़ताल के बाद घटना के 5 दिन बाद पुलिस ने मुरैना जिले के एक गांव से छात्रा को बरामद किया. जांच में सामने आया कि आरोपी छात्रा को भगाकर मुरैना स्थित अपने मामा के घर रह रहा था. आरोपी मौके से फरार हो गया.
पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि युवक ने छात्रा को किस हद तक गुमराह किया तथा उसके खिलाफ कौन-कौन से कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं. यह मामला सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली चमक-दमक और वास्तविक जीवन के बीच के अंतर को उजागर करता है. युवाओं को सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति की पहचान और दावों पर आंख बंद कर भरोसा करने से बचना चाहिए तथा सतर्कता बरतनी चाहिए.
भारत एक्सप्रेस
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