सांकेतिक तस्वीर.
सीबीआई ने अबू धाबी के राष्ट्रीय जांच ब्यूरो और इंटरपोल के सहयोग से एक अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की. इस ऑपरेशन में एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले के मुख्य आरोपी ताहिर सलीम डोला (Tahir Salim Dola) को भारत वापस लाने में सफलता मिली.
Tahir Salim Dola पर कई संगीन आरोप
डोला (Tahir Salim Dola) को शुक्रवार को दुबई से उड़ान एआई-984 के जरिए मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट लाया गया. ताहिर सलीम डोला को मुंबई पुलिस ने कुर्ला पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर 67/2024 के तहत वांछित घोषित किया था. डोला पर महाराष्ट्र के सांगली में एक ड्रग फैक्ट्री चलाने का आरोप है. पुलिस ने डोला और उसके साथियों से जुड़े स्थान से 126.141 किलो मेफेड्रोन (एमडी) नामक प्रतिबंधित नकली ड्रग जब्त की थी.
विदेश से ड्रग कारोबार चला रहा था
जांच में पता चला कि ताहिर सलीम डोला विदेश से इस गैरकानूनी ड्रग कारोबार को चला रहा था. मुंबई पुलिस के अनुरोध पर सीबीआई ने 25 नवंबर, 2024 को इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस जारी करवाया. सीबीआई ने इंटरपोल की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू) के साथ मिलकर डोला का यूएई में पता लगाया, जहां उसे 27 जनवरी को गिरफ्तार किया गया.
गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के समन्वय में यूएई अधिकारियों को एक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा गया. कानूनी प्रक्रियाओं और कूटनीतिक प्रयासों के बाद, डोला को आज भारत वापस भेज दिया गया. इंटरपोल रेड नोटिस, अभियोजन के लिए या सजा काटने के लिए वांछित भगोड़ों का पता लगाने और उन्हें हिरासत में लेने के लिए वैश्विक अलर्ट के रूप में कार्य करता है.
भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में सीबीआई, इंटरपोल चैनलों के माध्यम से सहायता के लिए भारत में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है. पिछले कुछ वर्षों में सीबीआई द्वारा समन्वित इंटरपोल चैनलों का उपयोग करके 100 से अधिक वांछित भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया है. डोला को अब मुंबई पुलिस को सौंप दिया जाएगा और उसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. उसके कारोबार से जुड़े व्यापक ड्रग नेटवर्क की आगे की जांच तेज होने की उम्मीद है.
-भारत एक्सप्रेस
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