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‘हनीट्रैप’ और पैसों का लालच: अलवर से जासूसी नेटवर्क बेनकाब, तो पंजाब के अमृतसर में 9 आतंकी गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों ने देश विरोधी ताकतों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अलवर में पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, वहीं अमृतसर में ISI समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

ISI Terror Module Busted In Amritsar And Alwar Espionage Network Exposed

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की सीमा पार से भारत में माहौल बिगाड़ने और जासूसी कराने की नापाक साजिशों पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ बड़ा प्रहार किया है. राजस्थान के अलवर और पंजाब के अमृतसर में चलाए गए अलग-अलग अभियानों में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. एक तरफ जहां अलवर में सेना की खुफिया जानकारियां पाकिस्तान भेजने के आरोप में चार युवक जांच के घेरे में आए हैं, वहीं अमृतसर में पुलिस ने ISI समर्थित दो आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेला है.

सेना की जानकारी भेजने का आरोप

राजस्थान के अलवर में पुलिस की स्पेशल ब्रांच और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) ने ईटाराणा आर्मी कैंट के पास बड़ी कार्रवाई की. ईटाराणा छावनी क्षेत्र से झोपड़ी गांव के रहने वाले मुख्य संदिग्ध उमेश जाटव समेत चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई.

जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने फर्जी महिला प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए इन युवकों को अपने जाल में फंसाया. फिर पैसों का लालच देकर उनसे आर्मी कैंट और ट्रेनों की आवाजाही से जुड़ी संवेदनशील तस्वीरें और वीडियो मंगवाए गए.

पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है. अलवर एसपी सुधीर चौधरी के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ के बाद फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन उन पर सख्त निगरानी रखी जा रही है.

पंजाब: 4 नाबालिगों समेत 9 गिरफ्तार

दूसरी ओर, पंजाब के अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से चल रहे दो अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता पाई है. पुलिस ने 4 नाबालिगों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 3 अवैध पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और 4 पेट्रोल बम बरामद हुए हैं.

शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी विदेश में बैठे ISI आकाओं के इशारे पर काम कर रहे थे. इन्हें पंजाब में शांति भंग करने, सुरक्षा ठिकानों की रेकी करने और हथियारों का इंतजाम करने का जिम्मा सौंपा गया था.

रेलवे ट्रैक पर लगाए CCTV कैमरे

अमृतसर में जांच के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई. आरोपियों ने संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रखने के लिए रेलवे ट्रैक के पास सीसीटीवी कैमरे तक लगा रखे थे. इन कैमरों की लाइव फुटेज सीधे विदेशी हैंडलरों को भेजी जा रही थी.

पुलिस ने अमृतसर के विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर पूरे नेटवर्क की फंडिंग और विदेश में बैठे आकाओं की कड़ियां खंगालनी शुरू कर दी हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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