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सिस्टम की लापरवाही या कुदरत का कहर? बरगी पायलट का बड़ा खुलासा, 3 महीने से खराब था इंजन!

जबलपुर के बरगी डैम हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 12 हो गई है. क्रूज पायलट महेश पटेल ने खुलासा किया है कि इंजन में खराबी की शिकायत के बावजूद उसे ठीक नहीं किया गया था और हादसे के वक्त कोई मौसम अलर्ट भी नहीं मिला था.

Bargi Dam Tragedy Pilot Reveals Engine Issues and Lack of Weather Alert

Bargi Dam Tragedy: ‘वो मंजर आज भी आंखों के सामने आता है तो रूह कांप जाती है. मैं न सो पा रहा हूं, न खा पा रहा हूं. मेरा भी परिवार है, मैं उन लोगों का दर्द समझ सकता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है.’ ये शब्द उस पायलट के हैं, जो 30 अप्रैल की उस काली शाम को बरगी डैम की लहरों के बीच मौत से जूझ रहे क्रूज को संभाल रहा था. पायलट महेश पटेल ने अब इस पूरे खौफनाक हादसे की पूरी कहानी बयां की है.

कुदरत का कहर या सिस्टम की चूक?

हादसे के वक्त क्रूज की कमान संभाल रहे 45 वर्षीय महेश पटेल ने बताया कि सफर के आखिरी 10 मिनट बचे थे, तभी अचानक मौसम ने ऐसी पलटी मारी कि संभलने का मौका ही नहीं मिला. महेश के मुताबिक, क्रूज किनारे से महज 50 मीटर दूर था, तभी पानी भरना शुरू हो गया. उन्होंने तुरंत मदद के लिए फोन किया, लेकिन कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार मच गई और क्रूज पलट गया.

महेश ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर से मौसम का कोई ‘अलर्ट’ नहीं मिला था. उनका कहना है कि अगर वक्त रहते जानकारी मिल जाती, तो शायद आज ये 12 लोग हमारे बीच होते.

1500 की जगह 1200 RPM पर था इंजन

हादसे के पीछे एक बड़ी वजह क्रूज के इंजन में आई तकनीकी खराबी को भी माना जा रहा है. महेश ने बताया कि उन्होंने तीन महीने पहले ही लिखित शिकायत दी थी कि एक इंजन पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहा है. जो इंजन 1500 RPM पर चलना चाहिए, वह सिर्फ 1200 पर था. शिकायत भोपाल तक गई, लेकिन वहां से मंजूरी आने में देरी हो गई. हैरानी की बात यह भी है कि करीब डेढ़ साल से किसी बड़ी तकनीकी टीम ने क्रूज की जांच ही नहीं की थी.

आठवीं पास पायलट और सुरक्षा के सवाल

महेश पटेल ने बताया कि उन्होंने केवल आठवीं तक पढ़ाई की है और नाव चलाते-चलाते एक नेवी कप्तान से क्रूज चलाना सीखा था. हालांकि बाद में उन्हें भोपाल में ट्रेनिंग भी मिली. हादसे के वक्त क्रूज पर क्षमता से अधिक लोग होने की बात भी सामने आ रही है. महेश के अनुसार, टिकट के हिसाब से 32 लोग थे, लेकिन कुछ अन्य और स्टाफ मिलाकर कुल करीब 37 लोग सवार थे.

सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद अब तक 12 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें रविवार सुबह मिला तमिलनाडु के 19 वर्षीय मयुरम का शव भी शामिल है. कुल 28 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, लेकिन अभी भी लापता लोगों की तलाश जारी है. इस सर्च ऑपरेशन में NDRF, SDRF के साथ-साथ आगरा से आई भारतीय सेना के विशेष गोताखोरों की टीम भी जुटी हुई है.

बता दें कि पायलट महेश पटेल को फिलहाल बर्खास्त कर दिया गया है. लेकिन उनके बयान ने सुरक्षा इंतजामों और अलर्ट सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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