फाइल फोटो.
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम (Kulgam) जिले में सुरक्षबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया, इलाके में 3-4 आतंकियों के छिपे होने की आशंका है. वहीं इस मुठभेड़ में तीन जवान गोली लगने से घायल हो गए.
Kulgam मुठभेड़ में तीन जवान घायल
घायल जवान को अस्पताल ले जाया गया है. घेराबंदी वाले इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमों ने गुडार वन क्षेत्र में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया.
अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही संयुक्त बल करीब पहुंचे, आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई.” संयुक्त बलों ने जम्मू-कश्मीर में आक्रामक आतंकवाद-रोधी अभियान शुरू कर दिए हैं. ये अभियान आतंकवादियों, उनके जमीनी कार्यकर्ताओं (ओजीडब्ल्यू) और समर्थकों के खिलाफ लक्षित हैं.
सुरक्षा बलों ने क्या कहा ?
सुरक्षा बलों का मानना है कि केंद्र शासित प्रदेश में आतंक के पारिस्थितिकी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए, केवल बंदूकधारी आतंकवादियों के सफाए पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि आतंकवाद को बनाए रखने में मदद करने वालों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ स्थगित होने के बाद, आतंकवादियों द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने के प्रयास किए गए हैं. जम्मू-कश्मीर में 740 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा है जिसकी सुरक्षा सेना करती है. नियंत्रण रेखा के अलावा, जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में लगभग 240 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा भी है जिसकी सुरक्षा भी बीएसएफ करती है.
पाकिस्तान की मदद से आतंकवादी संगठन विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर आतंकवादियों के लिए भारतीय सीमा में हथियार, ड्रग्स और नकदी गिराने के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं.
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बीएसएफ विशेष ड्रोन रोधी तकनीक का उपयोग कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवाद के संचालकों को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को जारी रखने के लिए ड्रोन का उपयोग करने से रोका जा सके. तस्करों पर भी सुरक्षा बलों की नजर है. ऐसा माना जाता है कि ड्रग तस्करी और हवाला मनी रैकेट से जुटाई गई धनराशि का इस्तेमाल अंततः आतंकवाद को बढ़ावा देने में किया जाता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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