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लोकसभा में पारित हुए जम्मू कश्मीर से जुड़े दो अहम बिल, जानें क्या होंगे इसके परिणाम

Lok Sabha में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक और आरक्षण विधेयक और आरक्षण विधेयक पारित हो गया है.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Jammu Kashmir: लोकसभा में पेश हुआ जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2023 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2023 पारित हो गया है. इस बिल के पारित होने से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर बड़ बयान दिया था और कहा कि अनुच्छेद 370 की वजह से ही राज्य में करीब 45000 लोगों की मौत हुई थी. BJP सांसद रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि ये बिल बहुत प्रगतिशील और समय के अनुकूल है. जम्मू और कश्मीर पर विस्थापितों, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण दिया गया है. यह बिल काबिल-ए-तारीफ है, जिसे अच्छी नीयत के साथ लाया गया था, इसलिए ये बिल बहुत ही सरलता के साथ पास भी हो गया.

इस बिल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नाम के साथ सम्मान जुड़ा है, इसे वही लोग देख पाते हैं, जो अपने से पीछे रह गए लोगों की अंगुली पकड़ कर संवेदना के साथ उन्हें आगे बढ़ाना चाहते हैं. वो लोग इसे नहीं समझ सकते, जो इसका उपयोग वोटबैंक के लिए करते हैं. नरेन्द्र मोदी ऐसे नेता हैं, जो गरीब घर में जन्म लेकर देश के प्रधानमंत्री बने हैं, वह पिछड़ों और गरीबों का दर्द जानते हैं.

लोकसभा में दहाड़े शाह

अमित शाह ने कहा कि मैं जो विधेयक (जम्मू-कश्मीर आरक्षण संशोधन अधिनियम 2023 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन संशोधन विधेयक 2023) लेकर आया हूं वो 70 वर्षों से जिन पर अन्याय हुआ, अपमानित हुए और जिनकी अनदेखी की गई, उनको न्याय दिलाने का विधेयक है. अमित शाह ने कहा कि मैं यहां जो विधेयक लेकर आया हूं, वह उन लोगों को न्याय दिलाने और उनका अधिकार दिलाने से संबंधित है, जिनके खिलाफ अन्याय हुआ, जिनका अपमान हुआ और जिनकी उपेक्षा की गई. किसी भी समाज में जो लोग वंचित हैं उन्हें आगे लाना चाहिए, यही भारत के संविधान की मूल भावना है.

नेहरू पर हमलावर हुए शाह

बता दें कि इस दौरान गृहमत्री अमित शाह ने देश के पहले प्रधानमंत्री पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा की गई दो भूलों के कारण जम्मू-कश्मीर को नुकसान उठाना पड़ा. इनमें पहली संघर्ष विराम की घोषणा और फिर कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाना शामिल था. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि जवाहरलाल नेहरू ने सही कदम उठाए होते, तो पीओके हमारा हिस्सा होता. उन्होंने सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों का दर्द समझते हैं तथा एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने पिछड़ों के आंसू पोंछे हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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