J&K Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. सबसे ज्यादा तबाही पुंछ जिले में हुई है, जहां अब तक 15 लोगों की मौत की खबर है. इनमें से 7 शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि बाकी लोगों की तलाश के लिए सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है.
पूरा परिवार मलबे में हुआ दफन
इस आपदा की सबसे झकझोर देने वाली कहानी पुंछ के दुर्गम मल्हार गांव से सामने आई है. यहां रहने वाले हाजी लतीफ का पांच मंजिला मकान बादल फटने के बाद आए मलबे की चपेट में आकर पूरी तरह जमींदोज हो गया. इस हादसे में उनके परिवार के 8 सदस्य मलबे में दब गए.
हाजी लतीफ की जान सिर्फ इसलिए बच गई क्योंकि वह भारी बारिश के दौरान अपनी गाड़ी को नाले से हटाकर सुरक्षित जगह खड़ी करने बाहर गए थे. लेकिन जब वह लौटे, तो वहां घर की जगह सिर्फ मलबे का ढेर था. उनके परिवार के 8 लोगों में से अब तक केवल तीन के शव मिले हैं, जिनमें से एक मासूम बच्ची का शव करीब 10 किलोमीटर दूर बहकर चला गया था. बाकी परिजनों की तलाश जारी है.
टूटी सड़कों से बढ़ी मुश्किलें
पुंछ के एसएसपी (SSP) शफकत हुसैन ने बताया कि पुलिस और SDRF की टीमें लगातार राहत काम में जुटी हैं. हालांकि, दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने और लगातार हो रही बारिश की वजह से मलबे को हटाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं.
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे खतरा और बढ़ गया है. प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है.
-भारत एक्सप्रेस
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