श्रीनगर में शुरू हुआ जम्मू-कश्मीर का पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (इमेज-Bharat Express)
Srinagar Film Festival 2026: जम्मू-कश्मीर ने फिल्म जगत में एक नया अध्याय जोड़ते हुए अपना पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (IFFJK) शुरू कर दिया है. सोमवार को श्रीनगर में शुरू हुए इस चार दिवसीय आयोजन में भारत समेत दुनिया के कई देशों की चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है. फेस्टिवल का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म उद्योग से जोड़ना और स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है.
यह फिल्म फेस्टिवल 7 से 10 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है. उद्घाटन समारोह में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बताया कि पहले ही संस्करण को दुनियाभर से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. फेस्टिवल के लिए 80 देशों से 1,100 से अधिक फिल्में और प्रोजेक्ट्स भेजे गए थे, जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 135 फिल्मों को प्रदर्शन के लिए चुना गया है.
भारतीय फिल्मों और क्षेत्रीय सिनेमा को प्रमुखता
इन 135 फिल्मों में 60 से अधिक फिल्में विदेशी फिल्मकारों की हैं. इसके अलावा भारतीय फिल्मों और क्षेत्रीय सिनेमा को भी प्रमुखता दी गई है. आयोजकों का मानना है कि इससे स्थानीय दर्शकों को अलग-अलग संस्कृतियों और फिल्म निर्माण की शैलियों को करीब से समझने का मौका मिलेगा.
फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का किया गया चयन
फेस्टिवल को जम्मू-कश्मीर सरकार और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) का सहयोग प्राप्त है. सरकार का मानना है कि यह आयोजन प्रदेश को फिल्म निर्माण के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
अटल डुल्लू ने कहा कि स्क्रीनिंग और मूल्यांकन की लंबी प्रक्रिया के बाद सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन किया गया है. चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में फिल्म प्रदर्शन के साथ-साथ फिल्म निर्माण, कहानी कहने की कला और सिनेमा के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा होगी.
स्थानीय फिल्मकारों को प्रोत्साहित करना है मकसद
फिल्म फेस्टिवल का एक बड़ा उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के स्थानीय फिल्मकारों और युवा कलाकारों को प्रोत्साहित करना भी है. इसके साथ ही प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खान-पान, खूबसूरत पर्यटन स्थलों और कला को दुनिया के सामने पेश करने की कोशिश की जा रही है.
ये भी पढ़ें- ‘खुदाई करो…’ क्या है सहारनपुर की मस्जिद पर साध्वी प्राची का शव और शिव वाला फॉर्मूला?
आयोजकों को उम्मीद है कि यह फेस्टिवल आने वाले वर्षों में जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा.
भारत एक्सप्रेस के लिए जम्मू कश्मीर से रइस अहमद की रिपोर्ट
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


