Kishtwar Terrorist Encounter: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के घने जंगलों वाले इलाके में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच लंबी मुठभेड़ हुई. इस दौरान भारतीय सेना के आठ जवान घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया की गोलीबारी कई घंटों तक चली और शाम होते-होते थमी. फिलहाल इलाके मे तलाशी अभियान जारी है.
ऑपरेशन त्राशी-I अभियान का नाम
जम्मू में तैनात व्हाइट नाइट कोर ने इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ का नाम दिया है. कार्रवाई की शुरुआत दोपहर लगभग बारह बजे हुई, जब सेना और पुलिस की संयुक्त टीम को सोनार इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली. सुराग मिलने के बाद इलाके में तलाशी शुरू की गई और इसी दौरान आतंकियों से आमना-सामना हो गया. आतंकियों ने देखते ही गोलियां बरसानी शुरू कर दीं, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला.
व्हाइट नाइट कोर ने दी जानकारी
व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर बताया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने पूरी बहादुरी से आतंकियों का सामना किया. सेना ने अतिरिक्त बलों को मौके पर भेजकर घेराबंदी मजबूत की. नागरिक प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी इस अभियान में शामिल हैं.
#WhiteKnightCorps | #ContactWithTerrorists
Operation Trashi – I
Contact was established with terrorists in the general area Son Nar, northeast of Chhatru, during a deliberate search operation conducted as part of ongoing joint counter-terror operations alongwith @JmuKmrPolice.…
— White Knight Corps (@Whiteknight_IA) January 18, 2026
2 से 3 विदेशी आतंकी सक्रिय
अधिकारियों के अनुसार, इलाके में 2 से 3 विदेशी आतंकी सक्रिय हैं, जो पाकिस्तान आधारित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे हैं. आतंकियों ने घेराबंदी तोड़ने के लिए अंधाधुंध गोलियां चलाईं और ग्रेनेड भी फेंके. जवाबी कार्रवाई में सेना, सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाला.
8 सैनिक घायल
करीब शाम 5:40 बजे तक रुक-रुक कर गोलीबारी होती रही. ग्रेनेड विस्फोट में घायल हुए आठों सैनिकों को अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें से अधिकांश को छर्रे लगे हैं.
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आतंकियों की तलाश जारी
आतंकियों को पकड़ने के लिए सेना ने हाई-टेक निगरानी साधनों का सहारा लिया है. ड्रोन कैमरे, ट्रैकिंग डिवाइस और प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड लगातार इलाके की छानबीन कर रहे हैं. यह घटना इस साल जम्मू क्षेत्र में तीसरी बड़ी भिड़ंत के रूप में दर्ज हुई है. आने वाले गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी और बढ़ा दी है ताकि किसी भी आतंकी योजना को समय रहते नाकाम किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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