जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने एक बार फिर विपक्षी इंडिया गठबंधन पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह गठबंधन किसी ठोस विचारधारा या साझा एजेंडे पर नहीं टिका है, बल्कि इसका एकमात्र मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए का विरोध करना है.
संजय झा के मुताबिक, इंडिया गठबंधन में शामिल दल कई बार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर बयानबाजी भी करते रहे हैं. ऐसे में इसे “एकजुट राजनीतिक गठबंधन” कहना सही नहीं होगा.
उन्होंने खासतौर पर तमिलनाडु की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जिन दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, वही बाद में अलग-अलग रास्तों पर चले गए. इससे साफ होता है कि इनके बीच न तो वैचारिक समानता है और न ही लंबे समय तक साथ चलने की इच्छा.
संजय झा ने यह भी कहा कि जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विपक्षी दलों को एक साथ लाने की कोशिश की थी, तब उन्हें संयोजक बनाने की चर्चा हुई, लेकिन कुछ दलों ने इसका विरोध कर दिया. उनके अनुसार, इससे विपक्ष के अंदर की खींचतान खुलकर सामने आ गई.
जातीय जनगणना और बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी
उन्होंने आरोप लगाया कि जातीय जनगणना जैसे मुद्दों पर भी विपक्षी दलों में एक राय नहीं है. जहां बिहार में नीतीश कुमार ने इस दिशा में कदम उठाए, वहीं इंडिया गठबंधन के कई दलों ने या तो विरोध किया या चुप्पी साध ली.
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए संजय झा ने कहा कि वहां लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कई बार बूथ कब्जाने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं, जिससे लोकतंत्र की छवि प्रभावित होती है.
मोदी सरकार के 12 सालों का जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल को उन्होंने ऐतिहासिक बताया. संजय झा ने कहा कि यह अपने आप में बड़ी बात है कि कोई नेता लगातार तीन बार देश का प्रधानमंत्री बने और उनकी लोकप्रियता आज भी बनी रहे.
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचे हैं, जो अपने आप में प्रेरणादायक है. उनके अनुसार, शौचालय निर्माण, हर घर जल योजना, बुनियादी ढांचे का विकास और रेलवे में सुधार जैसी योजनाओं ने आम लोगों के जीवन में बदलाव लाया है.
विपक्ष पर ईवीएम और जनसमर्थन को लेकर सवाल
संजय झा ने विपक्ष पर ईवीएम को लेकर दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि जब जीत मिलती है तो ईवीएम ठीक मानी जाती है, लेकिन हार होने पर सवाल उठाया जाता हैं. उनके मुताबिक, विपक्ष को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि जनता उनका समर्थन क्यों नहीं कर रही.
अंत में उन्होंने दावा किया कि आज भी देश की बड़ी आबादी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करती है और यही वजह है कि उन्हें लगातार चुनावी जीत मिल रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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