Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इफ्तार पार्टी को लेकर भाजपा के भीतर ही मतभेद उभर आए हैं. पार्टी के रांची से विधायक चंदेश्वर प्रसाद सिंह ने इफ्तार पार्टी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विजयादशमी, दीपावली और होली जैसे त्योहारों पर कोई विशेष आयोजन नहीं किया जाता, तो फिर इफ्तार पार्टी देने का क्या तात्पर्य है? उन्होंने इसे कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की तुष्टिकरण नीति का हिस्सा करार दिया.
बीजेपी विधायक चंदेश्वर प्रसाद सिंह ने उठाए सवाल
चंदेश्वर प्रसाद सिंह ने सीधा सवाल उठाया कि त्योहारों को लेकर इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है. उनका कहना था कि सरकार को सभी धर्मों के त्योहारों को समान रूप से महत्व देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करते आए हैं और यह आयोजन भी उसी का एक उदाहरण है.
हालांकि, रांची के ही बगल की सीट से विधायक नवीन जायसवाल इस मुद्दे को ज्यादा तूल देने के पक्ष में नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि इफ्तार पार्टी का आयोजन कोई नई बात नहीं है और इसे ज्यादा राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.
बीजेपी के भीतर ही दिखा मतभेद
बीजेपी के दो विधायकों के विरोधाभासी बयानों से पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. एक ओर जहां चंदेश्वर प्रसाद सिंह इसे तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं नवीन जायसवाल इसे सामान्य प्रक्रिया मान रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब किसी मुद्दे पर पार्टी के अंदर से अलग-अलग आवाजें आई हैं. इससे पहले भी कई मौकों पर विधायकों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते दिखे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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