रांची: झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता को प्रोविजनल पे-स्लीप मिलेगा. महालेखाकार, झारखंड ने इससे संबंधित आदेश और पे-स्लीप जारी कर दिया है. हालांकि, इसमें शर्त यह रखी गई है कि अगर कोर्ट का फैसला अनुराग गुप्ता के खिलाफ आता है, तो वेतन की रिकवरी की जायेगी.
मंत्रालय ने सेवानिवृत माना था, राज्य सरकार ने नियमों का हवाला दिया
मालूम हो कि अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाये जाने को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में मामला चल रहा है. गृह मंत्रालय ने भी अनुराग गुप्ता की सेवा को 30 अप्रैल तक ही माना है. उस तिथि के बाद से उन्हें सेवानिवृत माना जा रहा है. मंत्रालय ने इससे संबंधित पत्र भी झारखंड सरकार को लिखा था.
इस पत्र के जवाब में राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय को बताया था कि डीजीपी पद पर अनुराग गुप्ता की नियुक्ति झारखंड सरकार द्वारा बनाये गए नियमों के अनुसार की गई है. उनकी सेवा डीजीपी पद पर नियुक्ति की तारीख से अगले दो साल तक के लिए है.
इससे पहले महालेखाकार ने अनुराग गुप्ता का अप्रैल माह का पे-स्लीप जारी करते हुए उसे शून्य कर दिया था. पिछले हफ्ते गृह विभाग ने एक पत्र लिखकर महालेखाकार को जानकारी दी थी कि अनुराग गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति सरकार द्वारा बनाये गए नियमों के अनुसार की गई है, इसलिए इन्हें पे-स्लीप जारी किया जाये ताकि उनके वेतन की निकासी की जा सके.
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