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झारखंड में चतुर्थ वर्गीय नियुक्तियों पर फिलहाल रोक, नई नियमावली बनने तक नहीं होगी बहाली

पलामू में चतुर्थ वर्गीय बहाली को लेकर हुए विवाद के बाद झारखंड सरकार ने राज्यभर में इस श्रेणी की नियुक्तियों पर तत्काल रोक लगा दी है.सरकार अब नई नियमावली तैयार कर रही है, जो झारखंड की परिस्थितियों के अनुरूप होगी.

झारखंड की हेमंत सरकार ने झारखंड में चतुर्थ वर्गीय पदों पर होनेवाली नई नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का फैसला किया है. यह फैसला मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया है . अब कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी करेगा. आदेश जारी होते ही राज्य के सभी 24 जिलों को इसके बारे में सूचना दे दी जाएगी.

यह फैसला पलामू जिले में चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति को लेकर उठे विवाद के बाद लिया गया है. 11 जुलाई को हुई राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में इस विषय पर गहन चर्चा हुई थी जिसके बाद यह तय हुआ कि जब तक नई नियुक्ति नियमावली तैयार नहीं हो जाती, तब तक पूरे राज्य में इस श्रेणी के पदों पर कोई बहाली नहीं होगी.

बिहार के नियम से ही हो रही थी नियुक्ति

मालूम हो कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद से अब तक बिहार की 1975 की नियमावली के आधार पर ही झारखंड में चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति की जाती रही है. इसी नियमावली के तहत मैट्रिक के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाई जाती थी. पलामू में भी इसी प्रक्रिया के तहत बहाली की जा रही थी लेकिन इसे झारखंड की परिस्थितियों के अनुकूल नहीं मानते हुए सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया है.

राज्य के मुताबिक होगा नियमावली में बदलाव

कैबिनेट ने कार्मिक विभाग को निर्देश दिया है कि वह अन्य राज्यों की नियुक्ति प्रक्रियाओं का अध्ययन करे और उसके आधार पर झारखंड की जरूरतों के मुताबिक नई नियमावली बनाए. बताया जा रहा है कि नई नियमावली में सिर्फ शैक्षणिक अंक के आधार पर नहीं, बल्कि लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण जैसे तत्वों को भी शामिल किया जा सकता है.

फिलहाल नई नियुक्ति नहीं होगी

जब तक नई नियमावली तैयार नहीं हो जाती और उसे कैबिनेट से मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक राज्य में चतुर्थ वर्गीय पदों पर कोई भी नई नियुक्ति नहीं की जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यावहारिक बनेगी.


 

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भारत एक्सप्रेस



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