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UP News: कल्कि धाम मंदिर में विराजमान होंगे भगवान विष्णु के 10 अवतार…जानें कितने होंगे गर्भगृह और क्या होगी खासियत

कल्कि धाम मंदिर का निर्माण गुलाबी रंग के उसी पत्थर से किया जाएगा जिससे सोमनाथ मंदिर और अयोध्या के राम मंदिर का निर्माण किया गया है.

फोटो-सोशल मीडिया

UP News: अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान करने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के संभल में भगवान विष्णु के 10वें अवतार भगवान कल्कि के मंदिर का शिलान्यास करने जा रहे हैं. सोमवार को मंदिर का शिलान्यास होगा. मालूम हो कि संभल के ऐंचोड़ा कंबोह में कल्कि धाम के भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है. शिलान्यास कार्यक्रम के लिए तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. पूरे मंदिर परिसर को सफेद और भगवा रंग से सजाया गया है. सोशल मीडिया पर कल्कि मंदिर का मॉडल वायरल हो रहा है, जिसमें मंदिर बहुत की खूबसूरत दिखाई दे रहा है. इसकी खासियत जानने के लिए हर कोई आतुर दिखाई दे रहा है.

जानें क्या है खास इस मंदिर में

मान्यता है कि कलयुग में भगवान विष्णु कल्कि का अवतार लेंगे. धरती पर भगवान विष्णु का ये अंतिम अवतार माना जाता है. हालांकि कल्कि धाम को दुनिया का सबसे अनोखा मंदिर कहा जा रहा है क्योंकि कल्कि धाम पहला ऐसा धाम है जहां भगवान के अवतार लेने से पहले उनका मंदिर स्थापित हो रहा है. खबर सामने आई है कि इस मंदिर में एक-दो नहीं पूरे 10 गर्भगृह होंगे. भगवान विष्णु के 10 अवतारों के 10 अलग-अलग गर्भगृह को स्थापित किया जाएगा.

कल्कि धाम मंदिर का निर्माण गुलाबी रंग के उसी पत्थर से किया जाएगा, जिससे सोमनाथ मंदिर और अयोध्या के राम मंदिर का निर्माण किया गया है. इस मंदिर का शिखर 108 फीट ऊंचा होगा. 11 फीट के ऊपर मंदिर का चबूतरा बनेगा. 68 तीर्थ की इसमें स्थापना होगी. मंदिर का निर्माण करीब 5 एकड़ में होगा और निर्माण में करीब 5 साल का समय लगने का अनुमान जताया जा रहा है. बता दें कि कल्कि पीठ अपनी पुरानी जगह ही रहेगा. जब कल्कि धाम बनेगा तब उसके लिए भगवान का नया विग्रह होगा, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. इसके लिए एक अद्भुत प्रतिमा भी यहां लाई जाएगी.

ये भी पढ़ें-PM Modi In Sambhal: पीएम मोदी आज करेंगे श्री कल्कि धाम का शिलान्यास, जानें, मिनट-टू-मिनट का कार्यक्रम

पीएम की सुरक्षा के किए गए कड़े इंतजाम

बता दें कि यहां पीएम के पहुंचने से पहले उनकी सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं. मीडिया सूत्रों के मुताबिक, मुख्य मंच के ठीक पीछे प्रधानमंत्री का चॉपर उतरने के लिए हैलीपैड बनाया गया है और पूरे परिसर को एसपीजी ने सुरक्षा में ले लिया है. तो वहीं, समारोह परिसर को 3 खंड में बांटा गया है. मुख्य मंच के ठीक सामने VVIP मेहमान, VIP मेहमान और उसके बाद अन्य लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है. इसी के साथ ही वहीं, टेंट सिटी कल्किपुरम में सैकड़ों की संख्या में देश विदेश से आ रहे साधु-संतों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 11 हजार साधु-संत शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेंगे. इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है.

पीएम से मुलाकात के बाद निकाल दिया कांग्रेस ने

बता दें कि कल्कि धाम मंदिर का निर्माण मंदिर का निर्माण श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है, जिसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं. वह कांग्रेस के नेता रहे हैं. हाल ही में पार्टी ने उनको निकाल दिया है. दरअसल 1 फरवरी को पीएम मोदी से आचार्य प्रमोद ने मुलाकात की थी और मंदिर के शिलान्यास के लिए आमंत्रित किया था. इसी के साथ ही यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी. इसी के कुछ दिनों बाद कांग्रेस ने ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ में संलिप्तता का हवाला देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था. बता दें कि सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे मंदिर का शिलान्यास होगा. मंदिर का खासियत की बात करें तो मंदिर का निर्माण 11 फीट  ऊंचे चबूतरे पर होगा, इसके शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी. मंदिर में 68 तीर्थों की स्थापना होगी, जबकि कहीं भी स्टील या लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. कल्कि धाम में भगवान कल्कि के नए विग्रह की स्थापना होगी, जबकि पुराना कल्कि पीठ उसी तरह से बने रहेगा.

जानें कौन हैं भगवान कल्कि?

पौराणिक मान्यता की मानें तो जब कलयुग में घोर पाप होगा तब भगवान विष्णु के 10वें अवतार कल्कि दुष्टों का संहार करने के लिए धरती पर अवतार लेंगे. अग्नि पुराण के 16वें अध्याय में कल्कि अवतार का चित्रण तीर-कमान धारण किए हुए एक घुड़सवार के रूप में किया गया है. इसके मुताबिक भगवान कल्कि के घोड़े का नाम देवदत्त होगा. पौराणिक मान्यताओं की मानें तो कलयुग 432000 वर्ष का है, जिसका अभी पहला चरण चल रहा है. मान्यता है कि जब कलयुग का अंतिम चरण शुरू होगा, तब भगवान विष्णु कल्कि का अवतार लेंगे. तो वहीं कहा जा रहा है कि, संभल का कल्कि धाम दुनिया का पहला ऐसा धर्म स्थल होगा, जहां भगवान के जन्म से पहले ही उनकी मूर्ति स्थापित कर दी जाएगी.

-भारत एक्सप्रेस



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