हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र की भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर चर्चा में हैं. जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (‘दिशा’) की समीक्षा बैठक के दौरान कंगना का पारा चढ़ गया और उन्होंने अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर जमकर क्लास लगा दी.
सांसद निधि (MPLAD) का बजट समय पर खर्च न होने और विकास कार्यों में लेट-लतीफी को लेकर कंगना ने सरकारी अफसरों को खरी-खोटी सुनाते हुए दो टूक लहजे में जवाबदेही तय करने को कहा.
30-40 प्रतिशत जनता का पैसा गलत हाथों में
बैठक के दौरान केंद्र प्रायोजित योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कंगना रनौत ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि जनता के एक-एक रुपये का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता के साथ हो.
कंगना ने आरोप लगाया कि निगरानी की कमी के कारण करीब 30 से 40 फीसदी सरकारी पैसा गलत हाथों में जा रहा है. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि केंद्र सरकार की योजनाएं केवल फाइलों और कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका सीधा फायदा गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए.
पहले भी अधिकारियों की लगा चुकी क्लास
यह कोई पहली बार नहीं है जब दिशा बैठक में कंगना का सख्त रूप देखने को मिला हो. इससे पहले अक्टूबर 2025 की समीक्षा बैठक में भी उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही पर कड़ी चेतावनी दी थी.
ताजा बैठक में उन्होंने साफ कर दिया कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह की धांधली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने काम की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए.
कंगना के इस कड़े तेवर के बाद अब प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है.
यह भी पढ़ें: ‘दोस्ती नहीं, स्थिरता की जरूरत’, 18वां BRICS सम्मेलन में क्या मोदी-शी मुलाकात से बदलेगी भारत-चीन रिश्तों की तस्वीर?
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





