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कानपुर लैंबोर्गिनी केस में बड़ा अपडेट!आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में किया पेश; वकील ने दी जमानत अर्जी

कानपुर के 10 करोड़ की लैंबोर्गिनी हिट-एंड-रन मामले में पुलिस ने 90 घंटे बाद शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया. वकील का दावा है कि हादसे के समय शिवम कार नहीं चला रहा था और वह अस्पताल में भर्ती था..

Shivam Mishra arrested: कानपुर के लैंबोर्गिनी हादसे में एक बड़ा अपडेट सामने आ रहा है. ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस कमिश्नर ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को विधिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मौजूद सबूतों और जांच के आधार पर की गई है.
बता दें कि शिवम मिश्रा करीब 90 घंटे से फरार था. जिसको अब जाकर कानपुर से ही हिरासत में लिया गया है.

वहीं शिवम मिश्रा के वकील ने कोर्ट में जमानत अर्जी दी है. वकील ने कहा कि शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था, पुलिस ने उसे गलत गिरफ्तार किया है. गाड़ी मोहन ही चला रहा था, शिवम अस्पताल में एडमिट था. पारस अस्पताल से पुलिस ने शिवम को वहां से गिरफ्तार किया है. हम कोर्ट के सामने अपनी दलील रखेंगे कि शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था.

90 घंटे बाद शिवम हुआ गिरफ्तार

कानपुर ग्वालटोली पुलिस ने लैंबोर्गिनी हिट-एंड-रन के आरोपी शिवम मिश्रा को छह बंगलिया रोड स्थित घर से गिरफ्तार किया. हादसे के 90 घंटे बाद यह कार्रवाई हुई. पुलिस का कहना है शिवम पूरे समय कानपुर में ही छिपा था. गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जा रहा है.

वहीं शिवम के वकील ने जमानत अर्जी दाखिल कर कहा कि “शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था, पुलिस ने गलत गिरफ्तारी की. ” ड्राइवर मोहन ही कार चला रहा था. हादसे के समय शिवम पारस अस्पताल में भर्ती था. जिसको लेकर वकील बोले  कि “कोर्ट में CCTV फुटेज की सच्चाई साबित करेंगे.

क्या है कानपुर का लैंबोर्गिनी हादसा?

दरअसल, कानपुर के वीआईपी रोड ग्वालटोली में 8 फरवरी 2026 को 10 करोड़ की लैंबोर्गिनी रेवोल्टो ने हाहाकार मचा दिया. पुलिस के अनुसार लगभग 10 करोड़ की लागत वाली तेज रफ्तार कार ने चलती हुई वाहन और राहगीरों को टक्कर मारी थी, जिससे कम से कम छह लोग घायल हुए थे.

यह कार तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की है. हादसे के बाद शुरुआत में पुलिस ने कार को थाने में लाकर ढकवा दिया था और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी. जिससे मामले को लेकर काफी सवाल खड़े हुए थे.

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मामले पर अब तक क्या हुआ?

8 फरवरी दिन रविवार को दोपहर करीब 3 बजे कानपुर के ग्वालटोली इलाके में एक लैम्बोर्गिनी कार ने 6 लोगों को उड़ा दिया था. इस लैम्बोर्गिनी कार की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये है. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार को घेर लिया, तभी कार के पीछे दूसरी कारों में बैठे बाउंसर्स बाहर निकले और लोगों को धक्का देकर पीछे हटाए और कार के अंदर से कानपुर के दिग्गज कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को बाहर निकाला.

जिसके बाद पुलिस मौके पर आई और कार को जब्त कर थाने ले आई. इसी बीच लोग थाने पहुंच गए और आरोपी शिवम मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज करने का दबाव बनाने लगे. जिसपर शिवम मिश्रा के बाउंसर्स ने लोगों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे. लोगों का आरोप था कि पुलिस शिवम मिश्रा को बचा रही है इसलिए केस में उसका नाम नहीं डाल रही है. हालांकि बाद में पुलिस ने शिवम मिश्रा का भी केस में नाम डाल दिया. आज यानी 12 फरवरी को फरार चल रहे शिवम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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