नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2026. केंद्र सरकार ने आज मिशन कर्मयोगी के तहत कर्मयोगी साधना सप्ताह की शुरुआत की. यह देश का सबसे बड़ा कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम है. इसका मकसद सरकारी कर्मचारियों की स्किल, समर्पण और नागरिक-केंद्रित सोच को मजबूत करना है. यह कार्यक्रम 2 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक चलेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि तेज बदलते दुनिया में शासन नागरिकों की जरूरतों के साथ जुड़ा होना चाहिए. उन्होंने “नागरिक देवो भव” के भाव पर जोर दिया. उन्होंने निरंतर सीखने, फैसलों में टेक्नोलॉजी और डेटा का इस्तेमाल और कर्तव्य-उन्मुख सेवा पर बल दिया. यह सब विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए जरूरी है.
साधना सप्ताह का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन नई दिल्ली के डॉक्टर आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुआ. यह मिशन कर्मयोगी के पांच साल पूरे होने का मौका भी है. इस सप्ताह में केंद्र के मंत्रालय, राज्य सरकारें और ट्रेनिंग संस्थान एक साथ आएंगे. तीन मुख्य स्तंभ हैं – टेक्नोलॉजी, ट्रेडिशन और टैंजिबल आउटकम्स. इसमें वर्कशॉप, मास्टरक्लास और चर्चाएं होंगी.
डॉ. पी.के. मिश्रा का बयान
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने कहा कि साधना सप्ताह सक्षम, समर्पित और नागरिक-केंद्रित सिविल सर्विस की ओर बदलाव को मजबूत करता है. पहले ट्रेनिंग सीमित और नियम-आधारित होती थी. अब आईजीओटी प्लेटफॉर्म से कभी भी कहीं भी सीखना संभव हो गया है. अब शासन नियम-आधारित से भूमिका-आधारित हो रहा है. इसमें क्षमताएं, व्यवहार और सेवा की भावना मुख्य हैं. उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियां जैसे टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन, शहरीकरण और वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए नई स्किल्स चाहिए. निरंतर सीखना नवाचार, अनुकूलन और पेशेवरता बढ़ाता है. मनोवृत्ति और सहानुभूति भी बहुत जरूरी हैं.
कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की भूमिका
कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने कहा कि मिशन कर्मयोगी ज्ञान, स्किल और मूल्यों को जोड़ने वाला अनोखा मॉडल है. कर्मयोगी वह सरकारी कर्मचारी है जो ज्ञान को कर्म में बदलता है और सहानुभूति के साथ काम करता है. साधना सप्ताह अधिकारीयों को अपनी सेवा की मूल भावना से फिर जुड़ने का मौका देता है.
आईजीओटी प्लेटफॉर्म के आंकड़े
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की सचिव रचना शाह ने बताया कि पिछले पांच सालों में मिशन कर्मयोगी ने कैपेसिटी बिल्डिंग में बड़ा बदलाव लाया. पहले ट्रेनिंग कभी-कभी होती थी. अब यह निरंतर और भूमिका-आधारित है. इसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स भी शामिल हैं. आईजीओटी प्लेटफॉर्म पर 1.5 करोड़ से ज्यादा लोग रजिस्टर्ड हैं. 8 करोड़ से ज्यादा कोर्स पूरे हो चुके हैं. 4600 से ज्यादा कोर्स कई भाषाओं में उपलब्ध हैं. 130 से ज्यादा कैपेसिटी बिल्डिंग योजनाएं बनाई गई हैं. सीखने को परफॉर्मेंस मूल्यांकन से जोड़ा गया है. अब एआई टूल्स से सीखना और भी व्यक्तिगत और बेहतर हो रहा है.
कर्मयोगी भारत की बात
कर्मयोगी भारत के चेयरपर्सन सुब्रमण्यम रामादोरई ने कहा कि साधना सप्ताह सिविल सर्विस में निरंतर सीखने और सुधार की प्रतिबद्धता दिखाता है. आज शासन टेक्नोलॉजी, सभ्यतागत ज्ञान और नागरिक-केंद्रित नतीजों से प्रभावित होता है. उन्होंने एआई और नई टेक्नोलॉजी में क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया.
फ्रंटलाइन कर्मचारियों पर फोकस
कैपेसिटी बिल्डिंग आयोग की सदस्य (प्रशासन) डॉ. अलका मित्तल ने कहा कि अब प्रयास गांव पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों और नागरिक-सेवा करने वाले कर्मचारियों तक पहुंच रहे हैं. ये लोग सरकार और नागरिकों के बीच मुख्य कड़ी हैं. पब्लिक सेक्टर के छह लाख से ज्यादा कर्मचारी आईजीओटी पर जुड़ चुके हैं. उनके लिए लीडरशिप, सक्सेशन प्लानिंग और स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट के कोर्स हैं. एआई पर नए मॉड्यूल भी शुरू किए गए हैं.
मिशन कर्मयोगी की उपलब्धियां
कैपेसिटी बिल्डिंग आयोग के सदस्य (एचआर) डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि मिशन कर्मयोगी दुनिया के सबसे बड़े बदलाव प्रबंधन कार्यक्रमों में से एक बन गया है. अब पूरे सरकार में एक साझा भाषा बन गई है. कार्यक्रम पंचायत स्तर तक पहुंच रहे हैं. एआई से प्लानिंग और सीखना तेज हो रहा है. सबका लक्ष्य नागरिकों को बेहतर सेवा देना है.
नए कार्यक्रम लॉन्च
उद्घाटन में कई नए कार्यक्रम शुरू किए गए-
- कर्मयोगी गीत : यह गीत कर्मचारियों में निस्वार्थ सेवा, ईमानदारी और राष्ट्र-निर्माण की भावना जगाएगा.
- कर्मयोगी क्षमता कनेक्ट : फ्रंटलाइन कर्मचारियों को सशक्त करने का कार्यक्रम. कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध. इसमें राष्ट्रीय प्राथमिकताएं, भागीदारी शासन, डिजिटल सुरक्षा और नई टेक्नोलॉजी सिखाई जाएगी.
- कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम : यह 1.3 करोड़ अधिकारियों खासकर ग्रासरूट स्तर पर सेवाभाव जगाएगा. डिजिटल, इन-पर्सन ट्रेनिंग और चर्चाओं का मिश्रण होगा.
- ट्रस्ट-बेस्ड पीयर असेसमेंट : आईजीओटी पर शुरू. इसमें साथी और सीनियर रिव्यू से स्किल्स की जांच होगी.
- एआई पावर्ड केस स्टडी सूट : अमृत ज्ञान कोश के लिए. इसमें केस स्टडी एनालाइजर और केसकनेक्ट टूल हैं.
- ये सभी कदम अंतिम छोर तक सेवा पहुंचाने, जवाबदेही बढ़ाने और शासन के नतीजों को बेहतर बनाने के लिए हैं.
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