JD(S)एमएलसी एसएल भोजेगौड़ा
Karnataka MLC On Stray Dogs: दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने पूरे देश में नई बहस छेड़ दी है. इसी बीच कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य एसएल भोजेगौड़ा ने एक ऐसा बयान दे दिया, जिसने इस मुद्दे को और हवा दे दी. भोजेगौड़ा ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 2500 आवारा कुत्तों को मरवाया था और उन्हें पेड़ों के नीचे दफना दिया था, ताकि वे प्राकृतिक खाद बन सकें.
मंत्री रहीम खान ने जाहिर की बेबसी
नगर प्रशासन मंत्री रहीम खान ने इस मुद्दे पर सरकार की बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि मौजूदा कानूनों के कारण आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने का कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि केवल नसबंदी और टीकाकरण ही इसका ‘इलाज’ है. मंत्री की इस बात पर भोजेगौड़ा ने पशु अधिकार कार्यकर्ताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई सड़कों से कुत्तों को हटाने का विरोध करता है तो सरकार को 10 आवारा कुत्तों को उनके घरों में छोड़ देना चाहिए.
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भोजेगौड़ा का विवादित बयान
भोजेगौड़ा ने आगे कहा कि अगर कोई आवारा कुत्ता उनके बच्चों को काट ले तो वे क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि हम आए-दिन कुत्तों के काटने के मामले देख रहे हैं. पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है. अगर कोई आवारा कुत्तों को हटाने का विरोध करता है तो सरकार को कुछ कुत्तों को उनके कंपाउंड में छोड़ देना चाहिए, ताकि उन्हें असलियत का पता चले.
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कर्नाटक में डॉग बाइट के मामले
सुप्रीम कोर्ट के दिल्ली-एनसीआर में आठ हफ्तों के भीतर आवारा कुत्तों को शेल्टर में रखने के आदेश के बाद देश भर में यह मुद्दा बहस (Sparks Outrage On Stray Dogs) का विषय बन गया है. कर्नाटक में भी कुत्तों के काटने के 2.4 लाख से अधिक मामले सामने आने और रेबीज से 19 मौतों के बाद विधायक और एमएलसी आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से उठाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच भोजेगौड़ा के बयान के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है. पशु अधिकार कार्यकर्ता और कई अन्य लोग उनके बयान की निंदा कर रहे हैं.
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