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रान्या राव द्वारा सोने की तस्करी का क्या है सच? कर्नाटक पुलिस के DGP रामचंद्र राव को क्यों भेजा गया जबरन छुट्टी पर?

कर्नाटक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी, डीजीपी के रामचंद्र राव को राज्य सरकार ने अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है.

Ranya Rao

Ranya Rao Gold Smuggling Case: कर्नाटक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी, डीजीपी के रामचंद्र राव को राज्य सरकार ने अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया है. यह कार्रवाई तब हुई जब उनकी बेटी, रान्या राव, सोने की तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार हुईं. राव पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए पुलिस प्रोटोकॉल का दुरुपयोग किया.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, जबकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भी इस मामले की पड़ताल कर रही है और इसमें शामिल नेताओं की भूमिका की जांच कर रही है.

क्या है पूरा मामला?

3 मार्च को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने रान्या राव को हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया. उस समय भी पुलिसकर्मी उन्हें लेने के लिए तैयार थे, और एक सरकारी गाड़ी उन्हें घर तक छोड़ने के लिए मौजूद थी. डीआरआई अधिकारियों ने रान्या को हिरासत में लिया, जब उनके शरीर पर 17 सोने की छड़ें बंधी हुई पाई गईं.

जांच में पता चला कि उन्होंने हाल के हफ्तों में दुबई की करीब 30 यात्राएं की थीं, जिसके बाद डीआरआई को उनकी गतिविधियों पर संदेह हुआ. इन लगातार यात्राओं ने सोने की तस्करी के संदेह को और मजबूत किया.

कौन हैं रामचंद्र राव?

के रामचंद्र राव वर्तमान में कर्नाटक पुलिस हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (CMD) हैं. सरकार ने उन्हें अनिवार्य अवकाश पर भेजा है, और उनकी जगह अतिरिक्त डीजीपी शरत चंद्र अब उनके कार्यभार को संभालेंगे. यह कदम मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा उच्च-स्तरीय जांच के आदेश के बाद उठाया गया है, जो राव की भूमिका की गहराई से जांच करेगी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी 31 वर्षीय बेटी रान्या राव, जो एक अभिनेत्री हैं, नियमित रूप से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पुलिस सुरक्षा का उपयोग करती थीं. वह विदेश से लौटते समय पुलिस एस्कॉर्ट और सरकारी वाहनों का इस्तेमाल करती थीं.

कर्नाटक पुलिस की छवि पर लगा दाग

मुख्यमंत्री द्वारा जांच का आदेश ऐसे समय में आया है, जब कर्नाटक पुलिस पर अपने संसाधनों और कर्मियों का दुरुपयोग कर एक प्रभावशाली व्यक्ति को अवैध गतिविधियों में मदद करने के आरोप लग रहे हैं. सीबीआई ने इस मामले में एक केस दर्ज किया है और सोने की तस्करी के इस रैकेट की गहराई से जांच कर रही है. इसके साथ ही, जांच में शामिल नेताओं की भूमिका भी खंगाली जा रही है.

डीआरआई ने बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित व्यापारी के पोते, तरुण राजू, को भी गिरफ्तार किया है, जिस पर दुबई में रान्या के लिए सोना खरीदने में मदद करने का आरोप है. यह मामला कर्नाटक पुलिस की साख पर एक बड़ा धब्बा बन गया है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या खुलासे होते हैं.


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-भारत एक्सप्रेस



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