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जल सत्याग्रह से चिता तक… बिना मुआवजे उजड़ जाएंगे 32 गांव? केन-बेतवा पर आखिर क्यों भड़के आदिवासी?

मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट को लेकर आदिवासी समुदाय का विरोध और तेज हो गया है. बारह दिनों से लोग जल सत्याग्रह कर रहे हैं.

MP News: मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट से प्रभावित आदिवासी समुदाय में आक्रोश बढ़ता दिख रहा है. बारह दिनों से बराना नदी के पुल के नीचे जमे प्रदर्शनकारियों ने चिता पर लेटकर जल सत्याग्रह से विरोध जताया. सरकार पर बिना मुआवजे विस्थापन का आरोप लगाया. उनका कहना है कि न्याय न मिलने पर मृत्यु भी मंजूर है.

केन बेतवा पर बवाल क्यों?

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की केन-बेतवा, भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना होगी. इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य, केन नदी के अतिरिक्त पानी को उत्तर प्रदेश में सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड की बेतवा नदी की ओर स्थानांतरित करना है. कार्ययोजना में दाउधन बांध का भी निर्माण होगा. इस प्रोजेक्ट की पूरी लागत लगभग 44,600 करोड़ रुपये होगी. कुल खर्च में 90% केंद्र सरकार और बाकी राज्य सरकारें उठाएंगी.

विरोध का मुखय कारण

परियोजना के खिलाफ विरोध का मुख्य कारण है कि इसमें 24 गांव विस्थापित और 8 गांव डूब क्षेत्र में आएंगे जिसमें टाइगर रिजर्व भी शामिल है. ग्रामीणों को दी गई मुआवजे की राशि में भी खामियां सामने आ रही हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच संघर्ष जारी है.

पहले भी हुआ था आंदोलन?

सरकारी हस्तक्षेप के बाद 2 माह पूर्व शांत हुआ आंदोलन एक बार फिर आक्रोशित हो चुका है. अप्रैल 2026 में चिता आंदोलन पर बैठी महिलाओं और मासूम बच्चों ने सरकार से बातचीत के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया था. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अप्रैल में प्रशासन द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया. इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू कर दिया है.

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सरकार और प्रदर्शकारियों का पक्ष

मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि पुनर्वास पैकेज में सुधार किया गया है. दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जंग सिर्फ मुआवजे की नहीं बल्कि जमीन, आजीविका और पहचान की है.

विपक्ष का क्या कहना है?

विपक्षी नेता उमंग सिंघार ने मुआवजे कि प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने सर्वे में गड़बड़ी का दावा किया और सरकार से पुनः सुर्वे कि मांग की.

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-भारत एक्सप्रेस

(यह खबर सौम्या सिंह द्वारा लिखी गई है. सौम्या अभी भारत एक्सप्रेस में इंटर्न है.)



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