भारत सरकार के युवा और खेल मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को नई दिल्ली में ‘खेलो भारत कॉन्क्लेव’ को संबोधित किया. अपने संबोधन में मांडविया ने कहा कि मोदी सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘नई दिल्ली में ‘खेलो भारत कॉन्क्लेव 2025′ को संबोधित किया, जहां राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ), एथलीट, कोच, कॉर्पोरेट और सरकार भारतीय खेलों के भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ आए.’
मांडविया ने आगे लिखा, ‘मोदी सरकार ने हमेशा खेल विकास को बढ़ावा देते हुए खिलाड़ियों के कल्याण को प्राथमिकता दी है. साहसिक प्रशासनिक सुधारों से लेकर पदक जीतने की रूपरेखा तक, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज से लेकर कॉर्पोरेट साझेदारी तक, भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है.’
भारतीय खेलों को नई उड़ान
‘खेलो इंडिया’ केंद्र सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है. इसका उद्देश्य एथलेटिक टूर्नामेंटों और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की खोज करना और देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जनवरी 2018 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अखाड़े में ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ के पहले संस्करण का उद्घाटन किया था. खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत तीन प्रकार के आयोजन शुरू किए गए हैं. खेलो इंडिया स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और खेलो इंडिया शीतकालीन गेम्स.
खेलो इंडिया स्कूल गेम्स को अब खेलो इंडिया यूथ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसके अंतर्गत 22 खेल और पांच स्वदेशी खेल शामिल किए गए हैं. हर साल 1,000 बच्चों का चयन छात्रवृत्ति कार्यक्रम के लिए किया जाता है और उन्हें पदक विजेता बनने और जमीनी स्तर पर खेलों के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है.
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भारत एक्सप्रेस
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