Khimsar Crime News
Khimsar Crime News: नागौर जिले के खींवसर मुख्यालय में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. गोली लगने से गंभीर घायल युवक को जोधपुर ले जा रही एंबुलेंस पद्मसर चौराहे के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नजदीक गहरे गड्ढे में जा गिरी और पलट गई. हादसे में एंबुलेंस में सवार गोली से घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए.
जानकारी के अनुसार शुक्रवार तड़के नागौर के सदर थाना क्षेत्र में दो दोस्तों के बीच आपसी मजाक के दौरान देशी कट्टे से अचानक गोली चल गई. गोली बिहार के मधेपुरा जिले के श्रीनगर निवासी रामकुमार मंडल उर्फ रामदास के सीने में लगी.
बताया गया कि रामकुमार और जोधपुर जिले के भोपालगढ़ क्षेत्र के नांदिया खुर्द निवासी महिपाल विश्नोई दोस्त थे. दोनों ने पहले साथ खाना खाया और बाद में चाय पीने की बात हुई. इसी दौरान महिपाल ने रामकुमार को देशी कट्टा दिखाया और अचानक गोली चल गई. घटना के बाद महिपाल मौके से फरार हो गया.
नागौर से जोधपुर किया गया था रेफर
गोली लगने के बाद रामकुमार को उसके साथ मौजूद लोगों ने नागौर के राजकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया. यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जोधपुर रेफर कर दिया.
रामकुमार को एंबुलेंस से जोधपुर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान खींवसर के पद्मसर चौराहे के पास सड़क पर अचानक गाय आ जाने से एंबुलेंस अनियंत्रित हो गई. इसके बाद एंबुलेंस निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास बने गहरे गड्ढे में जा गिरी और पलट गई.
एंबुलेंस हादसे में मौके पर मौत
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. एंबुलेंस में सवार गंभीर घायल रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई. एंबुलेंस चालक समेत तीन अन्य लोगों को भी चोटें आईं. प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को नागौर रेफर किया गया.

कार्यकारी जिला पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने बताया कि युवक गोली लगने से घायल हुआ था और उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर किया गया था. खींवसर के पद्मसर चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के पास एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त होने से उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया.
ढाई साल से निर्माणाधीन ओवरब्रिज पर सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन ओवरब्रिज और उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज का निर्माण लंबे समय से चल रहा है. इसके बावजूद निर्माण स्थल के आसपास खुले गड्ढे और यातायात सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं.
गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए जल्द से जल्द जोधपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन निर्माणाधीन सड़क और पुल के पास हुए हादसे ने उसकी जान ले ली. घटना के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं.
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स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, खुले गड्ढों को सुरक्षित तरीके से कवर करने और पर्याप्त संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी मरीज या राहगीर की जान खतरे में न पड़े.
-भारत एक्सप्रेस
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