दिल्ली ब्लास्ट पर किरण बेदी का चौंकाने वाला बयान
Kiran Bedi on Delhi Blast: राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट पर रोजाना कोई न कोई खुलासा हो रहा है. कार में हुए ब्लास्ट के कारण आदिकारिक तौर पर 9 लोगों की मौत हो गई है. इस बीच पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने प्रतिक्रिया चर्चा की विषय बन गई है. किरण बेदी ने कहा कि यह घटना किसी भी तरह से खुफिया तंत्र की विफलता नहीं है, बल्कि यह बेहतरीन खुफिया जानकारी और सतर्कता का परिणाम है, क्योंकि बड़ा नुकसान टल गया.
किरण बेदी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि जैसा कि हम सब जानते हैं कि हमारा दुश्मन सीमा पार बैठा है और वह रोज लड़ाई लड़ता रहेगा. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया था, जिससे वह बौखला गया है. अब वह इस तरह की आतंकी घटनाओं (delhi blast case) को अंजाम देकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.
जनता की भागीदारी जरूरी (Delhi Blast Intelligence Success)
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ यह लड़ाई सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों या पुलिस की नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी से ही जीती जा सकती है. उन्होंने पुलिस और नागरिकों को सजग रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पुलिस प्रशासन के साथ जनता की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि लोग संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और तुरंत पुलिस को सूचना दें.
सभी को सतर्क रहने की जरूरत
पुलिस को हर घर का सर्वेक्षण करना चाहिए कि कहीं कोई व्यक्ति किसी मकान के कमरे को बारूद या विस्फोटक सामग्री के भंडारण के लिए तो इस्तेमाल नहीं कर रहा है. यह काम केवल पुलिस का नहीं, बल्कि पंचायतों और सरपंचों को भी इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए. किरण बेदी ने यह भी कहा कि भारत के गांव और मोहल्ले अगर सतर्क रहेंगे तो किसी भी आतंकवादी साजिश को समय रहते विफल किया जा सकता है.
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SIR पर भी रखी राय
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मुद्दे पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि स्वच्छ और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने के लिए एसआईआर का संचालन बेहद महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर को मंजूरी दी है और यह एक स्पष्ट और दूरगामी निर्णय है. मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियाद है, इसलिए एसआईआर का संचालन पूरे देश में ईमानदारी से किया जाना चाहिए.
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