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‘डरकर मत भागिए…’, किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर कसा तंज; संसद में लगे ‘लापता अमित शाह’ के नारे

लोकसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री के जवाब से विपक्ष को डरना नहीं चाहिए. भारी शोर-शराबे के बीच ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026 पारित हो गया.

Kiren Rijiju Slams Opposition In Lok Sabha Tribunals Reform Bill Passed

Kiren Rijiju Slams Opposition: संसद के मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते में भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ती दिख रही है. सोमवार को सदन में विपक्षी दलों ने पोस्टर लहराते हुए जमकर नारेबाजी और हंगामा किया. विपक्ष की नारेबाजी और पोस्टरों के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह खुद विस्तार से जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष को उनके जवाब से डरकर भागना नहीं चाहिए.

‘लापता अमित शाह’ के लगे पोस्टर

सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर ‘लापता अमित शाह’ और अन्य नारों वाले पोस्टर दिखाए. इस पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, ‘राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार मांग कर रहे थे कि गृह मंत्री जवाब दें. अब जब सरकार और गृह मंत्री शाह पूरा जवाब देने को तैयार हैं, तो विपक्ष हंगामा क्यों कर रहा है? उन्हें गृह मंत्री का जवाब पूरा सुनना पड़ेगा, डरकर भागने से काम नहीं चलेगा.’

जब विपक्ष ने शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए, तो रिजिजू ने साफ किया कि गृह मंत्री पूरा दिन संसद परिसर में ही मौजूद रहते हैं.

कार्यवाही स्थगित होने से हफ्तों का समय हुआ बर्बाद

हंगामे के कारण सोमवार को सदन का कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा. सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. इसके बाद दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन विपक्ष का शोर-शराबा थमा नहीं. आखिर में पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने दोपहर 2:19 बजे कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.

संसदीय कार्य मंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि सत्र के तीन हफ्ते पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं और इसके लिए विपक्ष जवाबदेह है.

हंगामे के बीच पेश हुए अहम विधेयक

शोर-शराबे के बीच ही कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने ‘न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026’ पेश किया, जिसे बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया.

इसके अलावा, कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने ‘खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ सदन के पटल पर रखा. वहीं, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने ‘राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किए.

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-भारत एक्सप्रेस



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