हर्षवर्धन श्रृंगला, पूर्व विदेश सचिव.
Harsh Vardhan Shringla: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मनोनीत राज्यसभा सदस्य के लिए खाली हुई चार सीटों के लिए पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला (Harsh Vardhan Shringla), वकील उज्ज्वल देवराव निकम, सी. सदानंदन मास्टर, और डॉ. मीनाक्षी जैन के नाम की घोषणा की है. ये चारों हस्तियां अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देते हुए देश सेवा की है. राष्ट्रपति की ओर से आधिकारिक ऐलान के बाद पीएम मोदी ने इन सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं. आइये जानते हैं कि जी-20 के सफल आयोजन से लेकर भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले हर्षवर्धन श्रृंगला कौन हैं?
मुंबई में हुआ था Harsh Vardhan Shringla का जन्म
हर्षवर्धन श्रृंगला महाराष्ट्र के मुंबई के रहने वाले हैं, उनका जन्म 1 मई 1962 को हुआ था. 1984 में IFS बने और 38 सालों तक अलग-अलग देशों में रहकर भारत का प्रतिनिधित्व किया. हर्ष श्रृंगला ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई राजस्थान के अजमेर के मेयो कॉलेज से पूरी करने के बाद दिल्ली का रुख किया, जहां उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की.
डिप्लोमेट के रूप में दीं सेवाएं
हर्षवर्धन श्रृंगला ने अपनी विदेश सेवा के दौरान अलग-अलग देशों में डिप्लोमेट के रूप में कार्य किया, जिसमें उन्होंने साल 2014 से लेकर 2016 तक थाइलैंड में भारत के डिप्लोमेट के रूप में काम किया.
बांग्लादेश में रहे उच्चायुक्त
साल 2016 से लेकर 2019 तक बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त रहे. इस दौरान हर्ष श्रृंगला ने भारत-बांग्लादेश संयुक्त सीमा कार्य समूह की सह-अध्यक्षता की. उनके इस कार्यकाल के दौरान भूमि सीमा समझौते को अंतिम रूप दिया गया.
जनवरी 2019 से लेकर जनवरी 2020 तक हर्षवर्धन श्रृंगला अमेरिका में भारत के डिप्लोमेट रहे. उन्होंने 22 सिंतबर 2019 को पीएम मोदी के अमेरिका दौरे पर टेक्सास के ह्यूस्टन में आयोजित ‘हाउडी मोदी‘ के मेगा इवेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
इसके अलावा हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारत के विदेश सचिव के पद पर रहकर अपनी सेवाएं दीं. उन्हें 29 जनवरी 2020 को भारत का विदेश सचिव नियुक्त किया गया. वह इस पद पर 30 अप्रैल 2022 तक रहे. अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोरोना महामारी से निपटने में विदेश मंत्रालय की रणनीति बनाने और प्रबंधन में अहम रोल अदा किया.
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हर्षवर्धन श्रृंगला ने विदेश सचिव के पद रहते हुए फरवरी 2021 तक विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद के लिए वंदे भारत मिशन के 9 फेज के कोआर्डिनेशन में भी महत्वपूर्ण काम किया.
Harsh Vardhan Shringla ने जी-20 सफल आयोजन कराया
इसके बाद एक बड़ा अवसर आया, जब उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता के दम पर भारत को अलग पहचान दिलाई. साल 2023 में उन्हें भारत के जी-20 प्रेसीडेंसी के लिए चीफ कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया. उनकी देखरेख में जी-20 का सफल आयोजन देश के अलग-अलग राज्यों में हुआ.
हर्षवर्धन श्रृंगला ने सिर्फ एक बेहतरीन प्रशासनिक अफसर रहे हैं, बल्कि एक लेखक के तौर पर भी अपनी पहचान रखते हैं. उन्होंने इकोनॉमिक डिप्लोमेसी, कॉन्फ्लिक्ट प्रीवेंशन, द इंडियन डायसपोरा और इंडिया-बांग्लादेश रिलेशंस पर किताबें भी लिखीं. इसके अलावा वह ग्लोबल मीडिया के जरिए अपने विचार साझा करते रहते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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