Dr Meenakshi Jain: देश की सबसे बड़ी पंचायत में अब इतिहास की गूंज सुनाई देने वाली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज राज्यसभा के लिए जिन चार प्रतिष्ठित लोगों को नामित किया है, उनमें इतिहासकार और शिक्षाविद् डॉ. मीनाक्षी जैन का भी नाम शामिल है.
डॉ. मीनाक्षी जैन ने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की उपाधि हासिल की. लेकिन उनका असली लगाव इतिहास से रहा. उन्होंने गार्गी कॉलेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर इतिहास पढ़ाया. इसके बाद उन्होंने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी, ICHR (भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद) और ICSSR (भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद) जैसी प्रमुख संस्थाओं के लिए भी काम किया. उनका शोध मध्यकाल और औपनिवेशिक भारत में भारतीय सभ्यता, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के इतिहास पर केंद्रित रहा है.
इतिहास को आम आदमी की भाषा में समझाया
डॉ. जैन ने इतिहास और भारतीय दर्शन पर कई किताबें लिखीं हैं. उन्होंने भगवान राम को लेकर काफी कुछ शोध किया है. डॉ. जैन के चर्चित शोध ग्रंथों में ‘राम और अयोध्या’, ‘दि बैटल फॉर राम’, ‘सती’, और ‘फ्लाइट ऑफ डीटीज एंड रिबर्थ ऑफ टेम्पल्स’ जैसी उनकी किताबें शामिल हैं.
उनकी कुछ चर्चित किताबें:
- देवताओं का पलायन और मंदिरों का पुनर्जन्म (2019)
- राम के लिए संघर्ष: अयोध्या में मंदिर का मामला (2017)
- सती: ईसाई प्रचारक, बैपटिस्ट मिशनरी और उपनिवेशकालीन विमर्श में बदलाव (2016)
- राम और अयोध्या (2013)
- समानांतर रास्ते: हिन्दू-मुस्लिम संबंधों पर निबंध (2010)
- इसके अलावा उन्होंने तीन खंडों की सीरीज The India They Saw का भी संपादन किया है, जिसमें विदेशी यात्रियों की दृष्टि से भारत को प्रदर्शित किया गया है.
व्याख्यानों से भी दिखाई समझ की गहराई
डॉ. जैन ने अपने शोध कार्यों के साथ-साथ व्याख्यानों के माध्यम से भी अपने ऐतिहासिक समझ को लोगों तक पहुंचाया है. उन्होंने मूर्ति पूजा और मंदिरों की सुरक्षा पर विशेष व्याख्यान दिए. जिनमें उन्होंने मध्यप्रदेश, राजस्थान और मथुरा में मिले पुरातात्विक साक्ष्यों का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति की जड़ों को सामने रखा. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि कैसे अलग-अलग समय में श्रद्धालुओं ने मंदिरों और मूर्तियों को बचाने के लिए कितना योगदान दिया.
पीएम मोदी ने दी बधाई
पीएम मोदी ने राज्यसभा भेजे जाने पर मीनाक्षी जैन को बधाई दी. उन्होंने कहा कि शिक्षा साहित्य, इतिहास और राजनीति के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को काफी समृद्ध किया है. उनके संसदीय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं.
It’s a matter of immense joy that Dr. Meenakshi Jain Ji has been nominated to the Rajya Sabha by Rashtrapati Ji. She has distinguished herself as a scholar, researcher and historian. Her work in the fields of education, literature, history and political science have enriched…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 13, 2025
पद्मश्री से हैं सम्मानित
साल 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया. यह सम्मान उनके लेखन, ऐतिहासिक शोधों और भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए दिया गया.
– भारत एक्सप्रेस
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