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FCRA बिल से लेकर राम मंदिर तक… कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने विपक्ष के हर पैंतरे की निकाली हवा

Krishan Kumar Bedi Interview: हरियाणा के सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने खास इंटरव्यू में युवाओं के रोजगार, नशा मुक्ति अभियान, छात्र आंदोलनों में राजनीतिक हस्तक्षेप और देश में परिसीमन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार का पक्ष बेबाकी से रखा.

हरियाणा के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी का बेबाक इंटरव्यू. सरकारी नौकरी, HKRN जॉब सिक्योरिटी, नशा मुक्ति, छात्र आंदोलन और परिसीमन पर रखी अपनी बात.

हरियाणा के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी का बेबाक इंटरव्यू. सरकारी नौकरी, HKRN जॉब सिक्योरिटी, नशा मुक्ति, छात्र आंदोलन और परिसीमन पर रखी अपनी बात. (PC- भारत एक्सप्रेस)

Edited by Shubhra Rai

Krishan Kumar Bedi Interview: हरियाणा के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के साथ राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मुद्दों पर एक विस्तृत साक्षात्कार संपन्न हुआ. इस बातचीत में हरियाणा में युवाओं के रोजगार से लेकर छात्र आंदोलनों, विदेशी फंडिंग और परिसीमन जैसे कई राष्ट्रीय विषयों पर गंभीर चर्चा की गई.

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने विशेष साक्षात्कार में बताया कि राज्य सरकार अगले 2-3 वर्षों में पारदर्शी सरकारी भर्तियों और HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी के लिए नया रोडमैप लागू कर रही है. उन्होंने युवाओं में नशाखोरी पर रोक, छात्र आंदोलनों में बाहरी फंडिंग की जांच, FCRA बिल के तहत NGOs में पारदर्शिता और परिसीमन (Delimitation) पर देश के संतुलित विकास का आश्वासन दिया.

हरियाणा में रोजगार का नया रोडमैप और नशा मुक्ति अभियान

हरियाणा के युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आगामी दो से तीन वर्षों के लिए एक ठोस रोजगार रोडमैप पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता के साथ-साथ हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है. इसके अलावा, प्रदेश के युवाओं को नशे के जाल से निकालने के लिए सामाजिक चेतना और पुलिस प्रशासन के तालमेल के साथ सख्त कार्रवाई की जा रही है.

छात्र आंदोलन, विदेशी फंडिंग और FCRA संशोधन कानून

छात्र आंदोलनों और हालिया संसद सत्र के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शनों पर बात करते हुए मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में विरोध दर्ज कराना छात्रों का अधिकार है, लेकिन जब इन आंदोलनों में बाहरी ताकतें, राजनीतिक दल और संदिग्ध फंडिंग शामिल हो जाती है, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी हो जाता है. उन्होंने FCRA बिल में किए गए संशोधनों का समर्थन करते हुए कहा कि गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की जवाबदेही तय होना और विदेशी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता होना राष्ट्रहित में अति आवश्यक है.

राष्ट्रीय राजनीति, परिसीमन की चिंताएं और राम मंदिर का मुद्दा

राष्ट्रीय राजनीति और उत्तर-दक्षिण संतुलन पर बोलते हुए कृष्ण कुमार बेदी ने परिसीमन (Delimitation) को लेकर दक्षिणी राज्यों में जताई जा रही चिंताओं पर भी अपना दृष्टिकोण रखा. उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार देश के सभी राज्यों के हितों और प्रतिनिधित्व का ध्यान रखते हुए ही कोई फैसला लेगी. राम मंदिर को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने इसे देश की सांस्कृतिक धरोहर और जनभावनाओं का प्रतीक बताया.

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-भारत एक्सप्रेस



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