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“असफलता आखिरी मंज़िल नहीं होती”- अदिति मिश्रा की आत्महत्या पर गौतम अडानी का भावुक संदेश

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 18 साल की एक लड़की द्वारा सुसाइड करने पर व्यथित अदाणी समूह के मुखिया गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त की है.

Gautam Adani

Gautam Adani on Girl Suicide: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 18 साल की एक लड़की द्वारा सुसाइड करने पर व्यथित अदाणी समूह के मुखिया गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त की है उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा कि अपेक्षाओं के बोझ तले दबकर एक होनहार बेटी का यूं चले जाना हृदयविदारक है.

आपको बता दें कि बेतियाहाता स्थित सत्यदीप गर्ल्स हॉस्टल में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. जेईई-मेन की तैयारी कर रही अदिति मिश्रा उर्फ रिमझिम नाम की छात्रा ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से शिक्षा जगत में गहरा शोक व्याप्त हो गया है.

गौतम अदाणी ने जताया शोक

मशहूर उद्योगपति गौतम अदाणी ने इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपने ‘X’ हैंडल (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा,

“अपेक्षाओं के बोझ तले दबकर एक होनहार बेटी का यूं चले जाना हृदयविदारक है. जीवन किसी भी परीक्षा से बड़ा होता है—यह बात अभिभावकों को खुद भी समझनी होगी और बच्चों को भी समझानी होगी. मैं पढ़ाई में बहुत सामान्य था. पढ़ाई एवं जीवन में कई बार असफल भी हुआ, लेकिन हर बार जिंदगी ने नया रास्ता दिखाया. मेरी आप सभी से बस इतनी सी विनती है—असफलता को कभी आखिरी मंज़िल न समझें. क्योंकि ज़िंदगी हमेशा दूसरा मौका देती है…!”

जेईई-मेन की परीक्षा में असफलता बनी वजह?

अदिति मिश्रा संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल क्षेत्र स्थित मिश्रौलिया गांव की रहने वाली थीं. वे गोरखपुर के एक कोचिंग सेंटर से जेईई-मेन की तैयारी कर रही थीं. प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जेईई-मेन की परीक्षा में सफल न हो पाने के कारण अदिति मानसिक रूप से आहत थीं. इसी तनाव में उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया.

कमरे में मिला सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया. पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें अदिति ने लिखा था—

“मम्मी-पापा, मुझे माफ कर देना. मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन अब और नहीं सह सकती. आप हमेशा खुश रहना. यह मत सोचना कि आपकी वजह से मैंने ऐसा किया. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं.”

इस नोट ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी संबोधित करते हुए लिखा कि वे अब बहुत थक चुकी हैं और शांति चाहती हैं.

घटना का विवरण

अदिति जिस हॉस्टल में रहती थीं, वहां उनकी एक साथी भी उनके साथ रहती थी. घटना के समय वह किसी काम से बाहर गई हुई थी. जब वह दोपहर 12:30 बजे लौटी तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. कई बार खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे संदेह हुआ. तुरंत हॉस्टल के कर्मचारियों को सूचना दी गई.

जब कर्मचारियों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की और सफलता न मिलने पर उसे धक्का देकर तोड़ा, तो अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए. अदिति का शव पंखे से लटका हुआ था. हॉस्टल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. अदिति के दोस्तों और परिवारवालों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि क्या वे किसी और मानसिक परेशानी से भी जूझ रही थीं. उनका मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में है.

शिक्षा जगत में शोक की लहर

इस घटना के बाद शिक्षा जगत में गहरा शोक देखा जा रहा है. छात्र-छात्राओं पर पढ़ाई का बढ़ता दबाव, समाज की अपेक्षाएं और असफलता का डर गंभीर विषय बन चुका है. गौतम अदाणी समेत कई बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने इस पर चिंता व्यक्त की है और छात्रों से अपील की है कि वे असफलता को अंत न समझें, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करें.

(यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है, तो कृपया पेशेवर मदद लें. अकेले न रहें, किसी से बात करें. सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध हैं.)

-भारत एक्सप्रेस



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