LPG cylinder panic booking India: ईरान-इजरायल युद्ध की खबरों के बीच देश में रसोई गैस (LPG) को लेकर एक अजीब सी हलचल मची है. लोग डर के मारे एडवांस में सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे बुकिंग के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं. आलम यह है कि जहां देश में रोजाना औसतन 55 लाख सिलेंडर बुक होते थे, वहीं 12 मार्च को यह आंकड़ा 75.7 लाख के पार निकल गया.
लेकिन क्या वाकई देश में गैस की कमी है? सरकार ने आज ‘इंटर मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग’ में साफ कर दिया कि पैनिक होने की जरूरत नहीं है. सरकार ने उन ‘जमाखोरों’ को भी सीधी चेतावनी दी है जो इस संकट का फायदा उठाकर सिलेंडर छिपाने की कोशिश कर रहे हैं.
मार्च में बुकिंग का ‘विस्फोट’: क्या कहता है डेटा?
पेट्रोलियम मंत्रालय के ताजा आंकड़े चौंकाने वाले हैं. मार्च के शुरुआती दिनों से ही बुकिंग ग्राफ तेजी से ऊपर भाग रहा है. आंकड़ों पर गौर करें तो 2 मार्च को करीब 71 लाख बुकिंग, 10 मार्च को 69 लाख बुकिंग. वहीं सर्वाधिक 12 मार्च को रिकॉर्ड 75.7 लाख बुकिंग दर्ज की गई है.
सरकार का कहना है कि मांग में इस भारी उछाल के बावजूद सप्लाई चेन पूरी तरह मजबूत है. देश भर के 25,605 डिस्ट्रीब्यूटर्स और 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर तेल-गैस का पर्याप्त स्टॉक है. हर दिन 50 लाख सिलेंडरों की होम डिलीवरी की जा रही है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.
जमाखोरी की तो जेल पक्की?
उन लोगों के लिए बुरी खबर है जो युद्ध का बहाना बनाकर कालाबाजारी की सोच रहे हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने साफ कहा कि ‘एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2000’ के तहत अधिकारियों को खुली छूट दे दी गई है.
सरकार की ब्रीफिंग में यह भी साफ हुआ कि अब अधिकारी किसी भी संदिग्ध वाहन, घर या गोदाम पर छापा मार सकते हैं. अगर कहीं भी अवैध रूप से सिलेंडर जमा किए हुए मिले, तो न सिर्फ सिलेंडर जब्त होंगे, बल्कि कड़ी कानूनी कार्रवाई और जेल भी हो सकती है. सरकार का मकसद साफ है कि गैस सीधे उपभोक्ता के चूल्हे तक पहुंचे, किसी के गोदाम तक नहीं.
ईरान में फंसे भारतीयों पर बड़ा अपडेट
जंग के मैदान से भी एक राहत भरी खबर है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच हुई बातचीत के बाद जमीन पर असर दिखने लगा है. पिछले कुछ दिनों में 170 भारतीय नागरिक ईरान का लैंड बॉर्डर पार कर सुरक्षित निकल चुके हैं और जल्द ही उनकी वतन वापसी होगी.
पोर्ट और शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अभी भी हमारे 24 जहाज और करीब 677 नाविक मौजूद हैं, जिन पर 24 घंटे सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है. खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे कुल 23 हजार भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की टॉप प्रायोरिटी है.
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उज्ज्वला लाभार्थियों को डरने की जरूरत नहीं
सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश के 33.37 करोड़ एलपीजी उपभोक्ताओं, जिनमें 10.56 करोड़ उज्ज्वला योजना की माताएं-बहनें शामिल हैं, उन्हें गैस की सप्लाई 100% जारी रहेगी. सप्लाई चेन में बाधाओं को दूर करने के लिए बैकडोर डिप्लोमेसी और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल शुरू हो चुका है.
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-भारत एक्सप्रेस
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