Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

Lucknow: सड़क हादसे में बुरी तरह घायल पांच साल के बच्चे को PGI के चिकित्सकों ने बचाया, अन्य दो मरीजों की भी बचाई जान

लखनऊ के संजय गाँधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के अपेक्स ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने गंभीर घायलों को नया जीवन दान दिया है.

पीजीआई चिकित्सकों की टीम

Lucknow: लखनऊ के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के एपेक्स ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायलों को नया जीवनदान दिया है. ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने 5 साल के बच्चे की जान बचायी और उसे नया जीवनदान दिया.

बताया जा रहा है कि बच्चे की आंत में गंभीर चोट आयी थी और संक्रमण हुआ था. इसके साथ ही दो और मरीजों को जीवनदान दिया गया है. ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने 24 घंटे में मरीजों की रिकवरी कर लिवर और गुर्द खराब कर चुके मरीजों का इलाज किया जो कि अब पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं. एसजीपीजीई के ट्रामा सर्जरी के विशेषज्ञ डॉ अमित ने बताया की बाँदा जिले में घायल 27 साल के व्यक्ति के गुर्दे में तेज चोट आयी थी, जिससे उसकी यूरिन करने की क्षमता ख़त्म हो गयी थी. इसके बाद गंभीर रूप से घायल की समय पर सर्जरी की गयी और 13 चक्र की डायलीसिस के बाद वह पूरी तरह से स्वस्थ्य हो गया.

ये भी पढ़ें- Dantewada Naxal Attack: दंतेवाड़ा में शहीद हुए जवानों को दी गई श्रद्धांजलि, सीएम भूपेश बघेल ने पार्थिव देह को दिया कंधा, बोले- बेकार नहीं जाएगा बलिदान

वहीं 30 साल के एक व्यक्ति का प्रयागराज में एक्सीडेंट हुआ और उसे रेफर करके एपेक्स ट्रामा सेंटर भेजा गया था. उसको पीलिया भी था जिसका समय रहते सर्जरी किया गया और वह अब स्वस्थ है. वहीं गोरखपुर के रहने वाला 5 साल का बच्चा सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था. उसकी आंत में चोट और संक्रमण हुआ था. उसकी भी सर्जरी के बाद छुट्टी दे दी गयी है. एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आर के धीमान ने बताया की अपेक्स ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने समय रहते जटिल सर्जरी की और जान बचाकर सभी को नया जीवन दिया है.

बता दें कि इससे पहले भी यहां के डाक्टर्स ने कमाल दिखाया है और तमाम कठिन से कठिन केस साल्व किए हैं. हाल ही में चिकित्सकों ने एक बच्ची का पूरी तरह से कंधे से अलग हो चुके हाथ को जोड़ दिया था. हाथ को जोड़ने में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर व बेहोशी के डाक्टर शमिल थे. यह जटिल ऑपरेशन चार घंटे चला था. प्लास्टिक सर्जन डॉ. अंकुर भटनागर की टीम ने माइक्रोवस्कुलर (Micro Vascular Surgery) तकनीक से यह ऑपरेशन किया था. डॉ. अंकुर ने बताया था कि, हाथ कटने के कारण काफी मात्रा में खून बह गया था. इसलिये बच्ची को 3 यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया था.

-भारत एक्सप्रेस

 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital