Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का नतीजा बिना मतदान के ही तय हो गया. बीजेपी के रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट निर्विरोध जीत गए हैं. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के कारण वोटिंग की नौबत ही नहीं आई. चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट से उन्हें फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा.
विजेताओं को मिला सर्टिफिकेट
निर्विरोध जीत के बाद बीजेपी के तीनों उम्मीदवार विधानसभा पहुंचे और जीत का प्रमाणपत्र हासिल किया. इसी दौरान राजस्थान राज्यसभा चुनाव में भी परिणाम घोषित हुए, जहां बीजेपी के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी विजयी हुए. नाम वापसी की समय सीमा पूरी होने के बाद इनका निर्वाचन हुआ.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तैयारी
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने सवाल उठाया कि जारी चुनावी प्रक्रिया के बीच इस याचिका पर विचार कैसे किया जा सकता है. नटराजन की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने अदालत से इस पर सुनवाई करने का आग्रह किया.
रिटर्निंग ऑफिसर का तर्क
रिटर्निंग ऑफिसर ने रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने अधूरा हलफनामा जमा किया था. फॉर्म-26 में दर्ज एक मामले का उल्लेख नहीं किया गया था, जिसके चलते उनका नामांकन खारिज कर दिया गया.
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शिकायत का आधार
बीजेपी उम्मीदवार महेश केवट ने रिटर्निंग ऑफिसर के पास शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप था कि नटराजन ने तेलंगाना में दर्ज एक मामले का जिक्र हलफनामे में नहीं किया. इस पर सिंघवी ने दलील दी कि उम्मीदवार को केवल उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है जिनमें कम से कम दो साल की सजा का प्रावधान हो, जबकि इस मामले में सिर्फ समन जारी हुए थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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