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इतिहास के एक पन्ने का समापन! दरभंगा राज की अंतिम विरासत महारानी कामसुंदरी देवी का 93 वर्ष की उम्र में निधन

Maharani Kamsundari Devi death: बिहार के सबसे बड़े राज परिवार दरभंगा राज की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार चल रही थीं. उनके निधन से पूरे मिथिलांचल में शोक की लहर दौड़ पड़ी.

Maharani Kamsundari Devi death

Maharani Kamsundari Devi Death: सोमवार 12 जनवरी 2026 को बिहार के सबसे बड़े राज परिवार दरभंगा राज की आखिरी महारानी कामसुंदरी देवी का निधन हो गया. वो लंबे समय से बीमार चल रही थीं. उनके निधन से पूरे मिथिलांचल में शोक की लहर दौड़ पड़ी. मधुबनी जिले के मंगरौनी गांव में 22 अक्टूबर 1932 को जन्मी महारानी कामसुंदरी देवी को अपने सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए जाना जाता है.

महारानी के पिता ने दो शादियां की थी. महारानी कामसुंदरी देवी छोटी पत्नी की बेटी थीं. उनकी शादी दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह के साथ 1940 में हुई थी. वो महाराज की तीसरी और अंतिम पत्नी थी.

सामाजिक क्षेत्र में अद्भुत योगदान

महारानी कामसुंदरी देवी एक प्रतिष्ठित परिवार से थीं. उनका बचपन से सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ाव रहा. दरभंगा महाराज कामेश्वर सिंह से विवाह के बाद वो राज परिवार का अहम हिस्सा बन गईं और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया.

महारानी ने शिक्षा, समाज सेवा और संस्कृति से जुड़े कार्यों में ज्यादा सक्रिय रहीं. उन्होंने मिथिला की कला के उत्थान को लेकर बेहतर कार्य किया.

दरभंगा महाराज का ठाठ निराला

मिथिला के दरभंगा राज के महाराज कामेश्वर सिंह की पूरे देश में अग्रणी सोच का वाहक माना जाता है. उन्होंने वाराणसी में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के निर्माण में अहम योगदान दिया था. दरभंगा महाराज को शिक्षा के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान के लिए पहचाना जाता था. उन्होंने अपनी राजधानी के बीच 250 एकड़ में अस्पताल बनवाया था. अंग्रेजों के समय में उन्होंने दरभंगा में रेलवे से लेकर बिजली जैसी चीजों को लाया था. आज भी मेड इन लंदन की टाइल्स दरभंगा की दीवारों पर गाहे-बगाहे दिख जाती है.

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क्या है दरभंगा राज का इतिहास?

दरभंगा राज परिवार के इतिहास की शुरुआत मुगलों के समय से शुरू होता है. महाराज महेश ठाकुर ने 16 शताब्दी में पहली बार मिथिला क्षेत्र का प्रशासन बनाया था. उनके बाद कई महाराजा दरभंगा राज में आए और परिवार को आगे बढ़ाया. महारानी दरभंगा राज परिवार की आखिरी विरासत थीं. उनको कोई संतान नहीं थी. महारानी कामसुंदरी देवी के साथ ही इस परिवार के एक युग का अंत हो गया.

-भारत एक्सप्रेस



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