Iran US Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा राजनीतिक टकराव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. ईरान में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर सरकार की कड़ी कार्रवाई को लेकर अमेरिका लगातार खामिनेई सरकार को धमकी दे रहा है. जो ईरान के प्रदर्शन को और भड़का रहा है. इसी बीच ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. जिसके बाद अमेरिका कतर में मौजूद अपने सबसे बड़े सैन्य बेस से कर्मियों को हटाना शुरू कर दिया है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के एक रिपोर्ट में बताया गया कि तेहरान मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है. जिसमें कहा गया है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो जवाबी कार्रवाई में ईरान मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा.
कतर का अल उदैद बेस ईरानी रडार पर
रिपोर्ट के मुताबिक कतर स्थित अमेरिकी सेना के अल उदैद वायु अड्डे के कुछ कर्मियों को अमेरिकी हवाई अड्डे को छोड़ने की सलाह दी गई थी. हालांकि अभी तक बड़े पैमाने पर कर्मियों के बेस छोड़ने के संकेत नहीं मिले हैं. जबकि पिछले साल ईरान-इजरायल युद्ध के दौरान अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले से कुछ घंटे पहले बड़े पैमाने पर अमेरिकी कर्मियों ने बेस छोड़ दिया था.
रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर दोहा स्थित अमेरिकी दूतावास ने कोई टिप्पणी नहीं की है. ना ही कतर ने कोई जवाब दिया है.
ईरान अमेरिका और इजरायल पर लगा रहा आरोप
बता दें कि, ईरान में चल रहे सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों को ईरान सरकार ने अमेरिका और इजरायल की साजिश बताया है. तेहरान ने इसे आतंकवाद कहा है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ दिनों से लगातार ईरान में सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दे रहे हैं. हाल ही में ईरान ने जब प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की घोषणा की तो ट्रंप बौखला गए.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा देती है तो भयानक परिणाम होंगे. ट्रंप ने सीबीएस न्यूज को दिये इंटरव्यू में प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए कहा था कि आप संस्थानों पर कब्जा करो, मदद पहुंच रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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