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मालेगांव बम ब्लास्ट मामला: आरोपी समीर शरद कुलकर्णी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ट्रायल पर लगी रोक

महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर बंधे विस्फोटक सामग्री के विस्फोटक होने से 7 लोगों की मौत हो गई थी।

आरोपी समीर शरद कुलकर्णी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

Rohit Rai Edited by Rohit Rai

मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में आरोपी समीर शरद कुलकर्णी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी समीर शरद कुलकर्णी के खिलाफ चल रही ट्रायल पर रोक लगा दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि समीर शरद कुलकर्णी के खिलाफ UAPA की धारा 45 के तहत केंद्र सरकार द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी नही मिली थी। सुप्रीम कोर्ट जुलाई में इस मामले में अगली सुनवाई करेगा।

मालेगांव में 2008 में हुए बम धमाके के आरोपी

समीर कुलकर्णी मालेगांव में 2008 में हुए बम धमाके के आरोपी है और पुणे में रहते है। कुलकर्णी हर तारीख को सुनवाई के लिए मुंबई आते है। समीर कुलकर्णी का दुख है कि धमाके को इतने साल हो गए लेकिन अभी तक मुकदमा खत्म नही हुआ। बतादें कि 15 साल पुराने 2008 के तहत मालेगांव बम विस्फोट मुकदमे में 25 सितंबर से सीआरपीसी 313 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज होने थे, लेकिन कई बार आरोपी कोर्ट में नही पहुच पता है जिसके चलते सुनवाई नही हो पाती है।

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साध्वी प्रज्ञा सिंह भी हुईं थीं गिरफ्तार

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर बंधे विस्फोटक सामग्री के विस्फोटक होने से 7 लोगों की मौत हो गई थी। 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच पहले एटीएस को सौप दी थी। जांच के दौरान अभिनव भारत संस्था का नाम आया था। 24 अक्टूबर 2008 को इस मामले में स्वामी असीमानंद, कर्नल पुरोहित सहित साध्वी प्रज्ञा सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बाद में यह जांच एनआईए को सौप दी गई थी। जुलाई 2009 में स्पेशल कोर्ट ने सभी आरोपियों पर मकोका लगा दिया था।



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