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“तेजस्वी नौवीं फेल हैं, उन्हें मुख्यमंत्री बनाना बिहार का अपमान,” भारत एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बोले मनीष कश्यप

बिहार चुनाव 2025 को लेकर मनीष कश्यप ने भारत एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बिहार की जातीय राजनीति, गठबंधन समीकरण और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर कई खुलासे किए.

Manish Kahyap with Bharat Express

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियों के बीच चर्चित यूट्यूबर और संभावित भाजपा उम्मीदवार मनीष कश्यप का एक बड़ा बयान सामने आया है. भारत एक्सप्रेस को दिए गए विशेष इंटरव्यू में मनीष कश्यप ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्ट और हिंसक परिवार” का वारिस बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में तेजस्वी यादव जैसे “नौवीं फेल व्यक्ति” को मुख्यमंत्री बनाना न सिर्फ राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी धूमिल करता है.

लालू यादव परिवार पर साधा निशाना

इंटरव्यू में मनीष ने आरजेडी को “बिहार का सबसे भ्रष्ट और हिंसक परिवार” करार दिया. उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव के शासन में जितनी हत्याएं और अपराध हुए, उतने कभी किसी शासनकाल में नहीं हुए. मनीष ने कहा कि पहले केवल कुछ वरिष्ठ भाजपा नेता जैसे सुशील मोदी ही तेजस्वी और लालू परिवार के खिलाफ खुलकर बोलते थे, लेकिन अब आम लोग भी आवाज उठाने लगे हैं. उन्होंने खुद को उस लड़ाई की शुरुआत मानते हुए कहा, “मैं एक साधारण लड़का हूं, लेकिन मैंने सबसे पहले हिम्मत दिखाई और इस परिवार के खिलाफ बोला. उसके बाद लोगों के अंदर भी साहस आया.”

उन्होंने आगे कहा कि आज का युवा जागरूक हो गया है और अब तो “एक छोटा बच्चा भी माइक उठाकर लालू जी और तेजस्वी जी से सवाल कर लेता है.” कश्यप ने यह भी जोड़ा कि सत्ता परिवर्तन के बाद सवाल पूछने की दिशा भी बदलनी चाहिए. “अब सरकार बदल चुकी है, तो सवाल भी उसी से पूछे जाने चाहिए जो सत्ता में है,” उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा.


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राष्ट्रगान पर टिप्पणी करने वाले नीतीश के नाम पर चुनाव क्यों?

इंटरव्यू में मनीष कश्यप ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्ट और हिंसक परिवार” का वारिस बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में तेजस्वी यादव जैसे “नौवीं फेल व्यक्ति” को मुख्यमंत्री बनाना न सिर्फ राज्य की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को भी धूमिल करता है.

बातचीत की शुरुआत महाराष्ट्र मॉडल से हुई, जहां बीजेपी ने सहयोगियों के साथ गठबंधन कर बड़ी सफलता हासिल की. जब उनसे पूछा गया कि बिहार में भी गठबंधन में चेहरा नीतीश कुमार होंगे जबकि उन्हीं पर राष्ट्रगान को लेकर टिप्पणियां हो रही हैं, तो मनीष ने कहा, “महाराष्ट्र में भी गठबंधन था, लेकिन मुख्य भूमिका बीजेपी की थी और उसी वजह से जीत मिली. बिहार में भी हम एनडीए के सभी घटक दलों – चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा, मांझी जी और जेडीयू – के साथ मिलकर लड़ेंगे. लेकिन नेतृत्वकारी भूमिका बीजेपी की होगी.”

“2010 जैसी जीत दोहराएंगे, विपक्ष फिर 22 पर सिमटेगा”

मनीष कश्यप ने बिहार में 2010 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि जिस प्रकार उस चुनाव में विपक्ष केवल 22 सीटों तक सीमित रह गया था, वही स्थिति 2025 में भी देखने को मिल सकती है. उन्होंने कहा, “जब स्पष्ट बहुमत मिलता है, तब बिहार में विकास होता है. लेकिन जब ‘गुणा-गणित’ की सरकार बनती है, तब विकास रुक जाता है. इस बार जनता को स्पष्ट जनादेश देना होगा.”

पूरा इंटरव्यू यहां देखें…

“बिहार को नौवीं फेल सीएम नहीं चाहिए”

तेजस्वी यादव की लोकप्रियता के सवाल पर कश्यप ने कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बिहार जैसे ऐतिहासिक राज्य में एक “नौवीं फेल व्यक्ति” को मुख्यमंत्री बनाना राज्य के लिए शर्मनाक है. उन्होंने कहा, “1997 में जब राबड़ी देवी जी मुख्यमंत्री बनीं, तब पूरी दुनिया में बिहार की छवि धूमिल हुई थी. नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालयों की धरती पर, जहां गौतम बुद्ध को ज्ञान मिला, वहां एक अनपढ़ मुख्यमंत्री बना देना पूरे बिहार का अपमान था. अब उसी परंपरा को दोहराने की कोशिश हो रही है.”

उन्होंने दावा किया कि “तेजस्वी यादव को लोग जाति या धर्म के आधार पर नेता मान सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें स्वीकार करने को कोई तैयार नहीं है. हां, कुछ जातीय समीकरण और मुस्लिम वोट बैंक उनका समर्थन करता है, लेकिन व्यापक तौर पर बिहार उन्हें आइकन नहीं मानता.”


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“चुनाव का फैसला गुणा-गणित से नहीं, जनादेश से होना चाहिए”

मनीष कश्यप ने बार-बार जोर दिया कि “बिहार को एक स्पष्ट, मजबूत और स्थायी सरकार की जरूरत है. यदि एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलता है तो राज्य की प्रगति और विकास सुनिश्चित हो सकेगा. उन्होंने कहा कि “जब भी मिली-जुली सरकार बनी है, तब बिहार का विकास रुक गया है. इसलिए इस बार लोगों को स्पष्ट और निर्णायक वोट देना होगा.”

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें बीजेपी से कोई सीट तय कर दी गई है, मनीष ने जवाब दिया – “मुझे पता है कि मुझे क्या करना है, और क्या मिलने वाला है, ये भी पता है.” हालांकि जब उनसे इस पर विस्तार से पूछने की कोशिश की गई तो उन्होंने जवाब दिया – “देखिए, कुछ चीजें कैमरे पर नहीं बोली जातीं. कल को मेरी शादी होगी, तो सुहागरात की बातें कैमरे के सामने नहीं कर सकते.”


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-भारत एक्सप्रेस



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