West Bengal News: पश्चिम बंगाल में 7 दिसंबर 2025 को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड पर लाखों लोग एकत्र हुए. सनातन संस्कृति संसद के बैनर तले आयोजित ‘पंच लाख कंठे गीता पाठ’ कार्यक्रम में 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे. पूरा मैदान भगवा रंग में रंग गया और एक साथ लाखों कंठों से गीता के श्लोक गूंजते रहे.
इससे ठीक एक दिन पहले 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में मुस्लिम विधायक हुमायूं कबीर ने एक नई मस्जिद का शिलान्यास किया था. इसे ‘बाबरी मस्जिद शैली’ की मस्जिद बताया जा रहा है. इस घटना के बाद पूरे राज्य में तनाव बढ़ गया. हिंदू संगठनों ने इसे चुनौती माना और अगले ही दिन ब्रिगेड में इतना बड़ा आयोजन कर जवाब दिया.
राज्यपाल आनंद बोस और भाजपा नेता हुए शरीक
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस कार्यक्रम में शामिल हुए और लोगों को संबोधित किया. भाजपा के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे. इनमें प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष और कई सांसद-विधायक शामिल थे. बाबा बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री भी कार्यक्रम में पहुंचे.
‘पंच लाख कंठे गीता पाठ’ ने दिया शांति का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक स्वामी प्रदीप्तानंद (कार्तिक महाराज) ने कहा कि इसका मकसद बंगाल की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा को जगाना और समाज में एकता का संदेश देना है. उन्होंने कहा कि आज के तनाव भरे माहौल में गीता ही लोगों को सही दिशा दिखा सकती है.
इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए कोलकाता पुलिस और प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी. तीन बड़े मंच बनाए गए थे. मेडिकल कैंप, पानी और शौचालय की पूरी व्यवस्था की गई थी. ट्रैफिक को भी कई किलोमीटर पहले डायवर्ट कर दिया गया था.
बंगाल में पहले भी हो चुका है ऐसा आयोजन
दिसंबर 2023 में भी ब्रिगेड में ‘एक लाख कंठे गीता पाठ’ हुआ था. उस वक्त भी टीएमसी ने इसे भाजपा का चुनावी कार्यक्रम बताया था. इस बार का आयोजन उससे कई गुना बड़ा था. आयोजकों का कहना है कि यह देश के सबसे बड़े सामूहिक गीता पाठ कार्यक्रमों में से एक है.
2026 के चुनाव से पहले माहौल हुआ गरम
पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं. बाबरी मस्जिद शिलान्यास और उसके अगले दिन गीता पाठ ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह ध्रुवीकृत कर दिया है. भाजपा इसे हिंदू एकता का प्रतीक बता रही है तो टीएमसी इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास बता रही है. दोनों तरफ से बयानबाजी तेज हो गई है. भीड़ देखकर हर कोई हैरान था कि एक दिन के नोटिस पर इतने लोग कैसे जुट गए. सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. कई लोग इसे बंगाल में हिंदुत्व की नई लहर बता रहे हैं.
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