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Madhya Pradesh: अदालत ने बलात्कार के आरोपी को कर दिया बरी… जानें क्यों लिया गया ये निर्णय

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर का मामला. लगभग तीन साल पहले एक युवती ने अपने शादीशुदा प्रेमी के खिलाफ बलात्कार, गर्भपात और धमकाने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर से हैरान करने वाली एक खबर सामने आ रही है. यहां पर अदालत ने बलात्कार के आरोपी को दोषमुक्त कर दिया. दरअसल इसका आधार एक एग्रीमेंट बना है.

दरअसल लगभग तीन साल पहले एक युवती ने अपने शादीशुदा प्रेमी के खिलाफ बलात्कार, गर्भपात और धमकाने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसी मामले में अदालत ने आरोपी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसे बरी कर दिया है. प्रेमिका ने एग्रीमेंट के बाद प्रेमी पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

इस मामले में प्रेमी ने पहले ही अपनी प्रेमिका को ये बात बता दी थी कि वह शादीशुदा है. यही नहीं उसने लिखकर भी दिया था कि वह 7 दिन पत्नी और 7 दिन उसके साथ रहेगा. इस एग्रीमेंट के महीने भर बाद ही प्रेमिका की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी. कोर्ट ने इसी एग्रीमेंट के आधार पर आरोपी प्रेमी को बलात्कार, गर्भपात और धमकाने के मामले में बरी कर दिया है.

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कोर्ट को पता चली ये बात

दरअसल केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट को एग्रीमेंट के बारे में जानकारी मिली और पता चला कि युवती ये बात जानती थी कि उसका प्रेमी शादीशुदा है और एक बच्चे का पिता भी है. कोर्ट को ये भी बात पता चली कि युवती खुद के गर्भपात कराए जाने के बाद भी अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए तैयार थी, लेकिन बाद में उसका मन बदल गया और उसने प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी.

जानें पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 जुलाई 2021 को इंदौर के भंवरकुआं में पर 29 साल की युवती ने अपने शादीशुदा प्रेमी चंद्रभान पंवार (34 वर्ष) के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बलात्कार, गर्भपात और धमकाने का आरोप लगाया था. इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था.

इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और मामला कोर्ट पहुंचा. सुनवाई के दौरान कोर्ट में ये बात सामने आई कि रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले ही प्रेमी-प्रेमिका के बीच 15 जून 2021 को एक एग्रीमेंट किया गया था. आरोपी प्रेमी ने एग्रीमेंट में बता चुका था कि वह शादीशुदा है.

कोर्ट ने कही ये बात और नहीं माना दोषी

एग्रीमेंट सामने आने के बाद कोर्ट ने कहा कि इससे ये पूरी तरह से साफ हो जाता है कि युवती जानती थी कि प्रेमी शादीशुदा है. इसके बाजवूद भी वह उसके साथ लिव इन रिलेशन में थी और रिलेशन को उसके साथ आगे बढ़ाती है. कोर्ट ने ये भी कहा कि प्रेमी शादीशुदा है और गर्भपात भी हो गया, फिर भी वह उसके साथ रह रही है और अरोपी की पत्नी भी इसमें सहमत थी. कुल मिलाकर आपस में सहमति से संबंध स्थापित किए गए.

अदालत ने सारे साक्ष्यों को देखते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में बलात्कार और गर्भपात के लिए आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता. जान से मारने की धमकी को लेकर कोई साक्ष्य सामने नहीं आए हैं. इसके बाद आरोपी चंद्रभान को दोषमुक्त कर दिया गया.

-भारत एक्सप्रेस



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