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रक्षक ही बने भक्षक! रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के साथ सरेआम बदसलूकी, क्या अब पुलिस का डर हो गया खत्म?

मध्य प्रदेश के पन्ना में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी और उनकी पत्नी से कथित अभद्रता का मामला सामने आया है. घटना के विरोध में रिटायर्ड अधिकारियों ने इंदौर पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.

Panna News Retired Police Officer

रिपोर्ट- जय व्यास


मध्य प्रदेश में पुलिस के व्यवहार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. आम लोगों के साथ पुलिस की सख्ती या दुर्व्यवहार की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार मामला एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ है. पन्ना जिले में रिटायर्ड अधिकारी और उनकी पत्नी के साथ कथित अभद्रता का मामला सामने आने के बाद रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के संगठन ने कड़ा विरोध जताया है.

पुलिस ने किया अभद्र व्यवहार

जानकारी के अनुसार, 7 अप्रैल को पन्ना में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भारत सिंह चौहान अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे. इसी दौरान एक महिला पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया. आरोप यह भी है कि मौके पर उनकी गाड़ी को जब्त कर लिया गया और उनके पास मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर भी कब्जे में ले ली गई. इस घटना से पीड़ित पक्ष और रिटायर्ड अधिकारियों में नाराजगी है.

पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा मामाल

मामले को गंभीरता से लेते हुए रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों के संगठन ने इंदौर में पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा है. संगठन ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल अनुशासन पर सवाल उठाती हैं, बल्कि पुलिस विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं.

इस संबंध में रिटायर्ड डीजीपी अनिल कुमार (लोकायुक्त, मध्य प्रदेश) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और मामले को गंभीर बताते हुए उचित कार्रवाई की आवश्यकता जताई है.

पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा?

वहीं, इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि रिटायर्ड राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों के संगठन द्वारा दिया गया ज्ञापन मध्य प्रदेश के डीजीपी के नाम है. उन्होंने कहा कि यह ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा और वहीं से आगे की कार्रवाई तय होगी.


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यह घटना पुलिस के व्यवहार पर एक व्यापक बहस को जन्म देती है. अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि कुछ पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान आम नागरिकों के साथ कठोर और असंवेदनशील रवैया अपनाते हैं. लेकिन जब इसी तरह की परिस्थितियों का सामना उन्हें स्वयं करना पड़ता है, तो उसके दर्द और प्रभाव का एहसास होता है. पन्ना की यह घटना इसी सच्चाई को उजागर करती है और यह सवाल उठाती है कि क्या पुलिस व्यवस्था में अधिक संवेदनशीलता और जवाबदेही की जरूरत है.

-भारत एक्सप्रेस



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