Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

​बस कंडक्टर की हैवानियत: सीट नहीं दी और पूरा किराया मांगा, विरोध करने पर मासूम छात्रों को बीच जंगल में उतारा

MP News: मध्य प्रदेश के सतना जिले में बस कंडक्टर की अमानवीयता सामने आई, जहां सीट नहीं मिलने पर आधा किराया देने का विरोध करने पर नाबालिग छात्रों को बीच जंगल में उतार दिया गया. वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई की मांग तेज.

Satna MP news

रिपोर्ट- अमित, सतना


MP News: मध्य प्रदेश के सतना जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. चित्रकूट से बिरसिंहपुर मार्ग पर चलने वाली विजय ट्रेवल्स की बस के कंडक्टर ने चंद रुपयों के लालच में मासूम नाबालिग छात्रों की जान जोखिम में डाल दी. सोशल मीडिया में वायरल वीडिओ में साफ देखा जा सकता है, कि छात्रों को बीच जंगल में बस से नीचे उतार दिया.

जानिए पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, चित्रकूट के रघुनाथ मंदिर स्थित संस्कृत विद्यालय में पढ़ने वाले कुछ नाबालिग छात्र मकर संक्रांति की छुट्टियों में अपने घर जा रहे थे. बच्चे चित्रकूट से विजय ट्रेवल्स की बस में बैठे लेकिन बस में काफी भीड़ होने के कारण उन्हें सीट नहीं मिल सकी. ​छात्रों का कहना था कि चूंकि उन्हें सीट नहीं मिली है और वे खड़े होकर सफर कर रहे हैं, इसलिए वे आधा किराया देंगे. इसी बात को लेकर कंडक्टर और छात्रों के बीच बहस शुरू हो गई. विवाद इतना बढ़ा कि कंडक्टर ने अपना आपा खो दिया और बस को चित्रकूट थाना क्षेत्र की बगदरा घाटी के घने जंगल में रुकवा दिया.

दूसरे बस ने की मदद

​अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब कंडक्टर ने नाबालिग छात्रों को अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए बस से नीचे धकेल दिया और बस लेकर रफूचक्कर हो गया. घने और सुनसान जंगल में अकेले छूटे बच्चे काफी डर गए, गनीमत रही कि कुछ देर बाद उसी मार्ग से गुजर रही एक अन्य बस के स्टाफ ने संवेदनशीलता दिखाई. उन्होंने बच्चों को डरा हुआ देख बस रोकी और उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया.


ये भी पढ़ें: झोपड़ी में जिंदा जली 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला, परिजनों ने लगाया गांव के युवक पर हत्या का आरोप


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

​​घटना का वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है. लोग परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि विजय ट्रेवल्स का परमिट निरस्त किया जाए और उस लापरवाह कंडक्टर पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी हरकत न हो.

इस घटना में बड़ा सवाल ये था कि अगर सुनसान इलाके में बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो जाती या कोई जंगली जानवर उन पर हमला कर देता, तो इसका जिम्मेदार किसकी होती.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital