Bharat Express DD Free Dish

भारी हंगामे के बीच MP में पास हुआ UCC बिल, उत्तराखंड-गुजरात-असम के बाद बना देश का चौथा राज्य

मध्य प्रदेश विधानसभा ने विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक, 2026 पारित कर दिया. अब विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के बाद कानून बनने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा.

MP UCC Bill Passed 2026: देश में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है. दरअसल मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को भारी हंगामे और विपक्ष के तीखे विरोध के बीच ‘मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल, 2026’ पर विस्तृत चर्चा हुई और आखिरकार यह महत्वपूर्ण विधेयक सदन से पास हो गया.

बता दें कि सत्र के पहले ही दिन राज्य मंत्री गौतम टेटवाल द्वारा सदन के पटल पर रखे गए इस बिल को लेकर कांग्रेस विधायकों ने लगातार दूसरे दिन भी जोरदार हंगामा और नारेबाजी की. हालांकि, सत्ता पक्ष के प्रचंड बहुमत और बहस के बाद यह विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, जिससे मध्य प्रदेश देश में यूसीसी कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने वाला भारत का चौथा राज्य बन गया है.

विधानसभा में विपक्ष का भारी हंगामा(MP UCC Bill Pass)

मंगलवार को जैसे ही यूसीसी विधेयक पर चर्चा शुरू हुई, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने वेल में आकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष का आरोप था कि इस बेहद संवेदनशील और बड़े कानून को बिना पूर्व सूचना के पूरक कार्यसूची के जरिए सदन में लाया गया, जिससे विधायकों को अध्ययन का पूरा मौका नहीं मिला.

हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को दो बार स्थगित तक करना पड़ा. कांग्रेस विधायकों ने बिल की प्रतियों के साथ विरोध दर्ज कराया, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया कि संडे कैबिनेट की विशेष बैठक में ड्राफ्ट को हरी झंडी मिलने के बाद सभी नियमों का पालन करते हुए इसे पटल पर रखा गया है.

MP बना देश का चौथा राज्य

मध्य प्रदेश विधानसभा से इस बिल (MP UCC Bill Pass) के पास होने के साथ ही देश में एक समान कानून व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में बड़ा इतिहास रच दिया गया है. मध्य प्रदेश से पहले फरवरी 2024 में उत्तराखंड, मार्च 2026 में गुजरात और मई 2026 में असम की विधानसभाएं इस ऐतिहासिक यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल को पेश कर अपने-अपने राज्यों में पास करा चुकी हैं.

राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, गोद लेने और संपत्ति उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील नागरिक मामलों में एक समान और निष्पक्ष कानून लागू करना है.

यह भी पढ़ें: सदन में चर्चा का मकसद या केवल राजनीति! नीट मामले पर स्पीकर के दर पहुंचा विपक्ष, जानें क्या बोलीं प्रियंका?

अब राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

विधानसभा से विधेयक के सफलतापूर्वक पारित होने के बाद अब इसे (MP UCC Bill Pass) अंतिम मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा. राज्यपाल के हस्ताक्षर और गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही यह कानून पूरे मध्य प्रदेश में औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा. मुख्यमंत्री और सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने इस बिल के पास होने को प्रदेश के विकास और सामाजिक समानता के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया है.

वहीं, विपक्ष ने इसे केवल चुनावी और राजनीतिक एजेंडा बताते हुए आने वाले दिनों में सड़क से लेकर कोर्ट तक इस कानून के प्रावधानों को चुनौती देने की बात कही है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read