जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया. यह रैली मुजफ्फरनगर के टाउन हॉल ग्राउंड में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. रैली के दौरान अचानक भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर हमला करने की कोशिश की गई और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई.
जानकारी के अनुसार, धक्का-मुक्की के दौरान राकेश टिकैt की पगड़ी गिर गई और वह जमीन पर गिरते-गिरते बचे. मौके पर मौजूद पुलिस और भाकियू कार्यकर्ताओं ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन्हें भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला.
रैली का आयोजन विभिन्न हिंदू संगठनों ने किया था और इस दौरान बाजार बंद रखा गया था. टिकैत पर हमले के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया.
घटना के बाद राकेश टिकैत ने इस हमले को “पूर्व-नियोजित साजिश” करार दिया. उन्होंने कहा, “यह प्री-प्लांटेड था, कुछ पार्टियां इसके पीछे हैं. अगर यह जनता का आक्रोश होता, तो इस तरह कंट्रोल नहीं होता. ये लोग चाहते हैं कि किसान आंदोलन को यहीं से कमजोर कर दिया जाए, लेकिन न आंदोलन कमजोर होगा, न हम.”
टिकैत ने आगे कहा कि किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है, लेकिन इसका जवाब ट्रैक्टर मार्च के जरिए दिया जाएगा. उन्होंने ट्रैक्टर मार्च करने की घोषणा भी की.
हिंदूवादी नेताओं बिट्टू सिखेड़ा और शरद कपूर ने इस घटना के पीछे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ होने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि भाजपा ने ही टिकैत के खिलाफ विरोध की साजिश रची.
यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के टाउन हॉल ग्राउंड में हुई. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
सिटी एसपी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया, “मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को पहलगाम हमले के विरोध में जन आक्रोश रैली निकाली गई थी. राकेश टिकैत भी इसमें शामिल हुए थे. कुछ लोगों ने उनका विरोध किया, जिसके दौरान उनकी पगड़ी गिरने की घटना हुई. इसकी जांच की जा रही है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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