Muzaffarpur Drug Syndicate Bust: मुजफ्फरपुर/मनोज: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसा खौफनाक और चौंकाने वाला क्राइम मामला सामने आया है, जिसे सुनकर पुलिस अधिकारियों का भी सिर चकरा गया है. मिठनपुरा थाना पुलिस ने कालीबाड़ी रोड इलाके में छापेमारी कर एक ऐसे ‘पारिवारिक ड्रग सिंडिकेट’ का पर्दाफाश किया है, जहां कोई बाहरी गैंग नहीं, बल्कि घर के ही दादा, पिता और पोता मिलकर शहर के युवाओं में नशा घोलने का काला कारोबार कर रहे थे.
थोक में आता था माल, झोपड़ी में बनती थी पुड़िया
पुलिस ने मौके से 19 वर्षीय पोते राहुल कुमार को भारी मात्रा में स्मैक के साथ रंगे हाथों दबोच लिया. राहुल ने पूछताछ में इस खौफनाक ‘चेन’ का पूरा सच उगल दिया है. उसने बताया कि तीनों मिलकर थोक के भाव में स्मैक की बड़ी खेप लाते थे. कालीबाड़ी रोड स्थित फील्ड के पास बनी एक झोपड़ी को इन्होंने अपना ‘सेफ हाउस’ और गोदाम बना रखा था. इसी झोपड़ी में 64 वर्षीय मास्टरमाइंड दादा शिवशंकर शर्मा और पिता ओमप्रकाश शर्मा की देखरेख में स्मैक को छोटी-छोटी पुड़िया में पैक किया जाता था.
पॉकेट से लेकर बिस्तर तक छिपा था मौत का नशा
छापेमारी के दौरान जब मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राहुल की तलाशी ली गई, तो उसकी पैंट की जेबों से 100 पुड़िया बरामद हुईं. लेकिन असली खेल झोपड़ी के अंदर था!
जब पुलिस ने झोपड़ी के अंदर बिछी चौकी के बिस्तर को खंगाला, तो आंखें फटी रह गईं. बिस्तर के नीचे से कुल 900 पुड़िया स्मैक (वजन 367.5 ग्राम) और ड्रग्स तौलने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किया गया.
दादा की ‘पैकिंग’ और पोते की ‘रिटेल डिलीवरी’ (Muzaffarpur Family drug racket bust)
पूछताछ में यह भी साफ हुआ है कि इस खूंखार सिंडिकेट में काम पूरी तरह बंटा हुआ था. उम्रदराज होने के कारण दादा और पिता ‘बैकएंड’ संभालते थे, जबकि 19 साल का पोता राहुल इस माल को अपनी उम्र के लड़कों और शहर के गली-चौराहों पर ‘रिटेल’ में सप्लाई करने का काम करता था. सोमवार की रात भी वह 100 पुड़िया की डिलीवरी देने ही जा रहा था कि पुलिस के हत्थे चढ़ गया. हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर मास्टरमाइंड दादा शिवशंकर शर्मा भागने में कामयाब रहा.
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पूरा सिंडिकेट होगा तबाह (Muzaffarpur police raid On Drug Syndicate)
मिठनपुरा थाना पुलिस ने इस गंभीर मामले में NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है. केस के जांच अधिकारी দারोगा पंकज कुमार ने बताया कि फरार दादा और पिता की गिरफ्तारी के लिए उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है. शहर का यह बेहद गंभीर मामला है जहां पूरा परिवार ही ‘ड्रग पेडलिंग’ में लिप्त है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस पूरी पारिवारिक ‘क्राइम कंपनी’ को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा
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