मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने बड़ा खुलासा किया है. शनिवार को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राणे ने दावा किया कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता उद्धव ठाकरे ने उन्हें दो बार फोन करके अपने बेटे आदित्य ठाकरे का नाम इस मामले में नहीं लेने की बात कही थी. राणे ने यह भी आरोप लगाया कि दिशा सालियान की मौत के मामले में पुलिस के पास पर्याप्त सबूत थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
उद्धव ठाकरे के फोन कॉल का विवरण
राणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दिशा सालियान की मौत के बाद जब वह बांद्रा से गुजर रहे थे, तब उन्हें उद्धव ठाकरे के निजी सहायक मिलिंद नार्वेकर का फोन आया. नार्वेकर ने कहा कि उद्धव उनसे बात करना चाहते हैं. फोन पर उद्धव ने राणे से कहा, “आपके भी बच्चे हैं. आपके बेटे (नितेश और नीलेश राणे) बार-बार आदित्य का नाम ले रहे हैं. उन्हें ऐसा करने से रोकें.”
राणे के मुताबिक, उद्धव ने यह भी कहा, “आपके बच्चे अभिनेता डिनो मारियो के घर पर क्या करते हैं, मुझे सब पता है, लेकिन मैं यह सार्वजनिक नहीं करूंगा.” दूसरी बार अस्पताल से संबंधित अनुमति के दौरान उद्धव ने फिर फोन किया और कहा कि उनके बेटे अभी भी आदित्य का नाम ले रहे हैं.
दिशा सालियान मामले में सबूतों पर सवाल
नारायण राणे ने दावा किया कि दिशा सालियान की मौत के समय पुलिस के पास पर्याप्त सबूत मौजूद थे, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि दिशा के परिवार पर दबाव डाला गया, पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर को बदला गया, और इस दबाव के कारण दिशा के पिता सामने नहीं आ रहे हैं. राणे ने कहा, “पुलिस के पास सारे सबूत हैं. हमारे पास भी कुछ सबूत हैं, जो जरूरत पड़ने पर हम पुलिस को सौंप देंगे.”
आदित्य ठाकरे का जवाब: यह राजनीतिक साजिश
इन आरोपों के जवाब में आदित्य ठाकरे ने एक बयान जारी कर कहा कि पिछले पांच सालों से कई लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “अगर यह मामला कोर्ट में है, तो हम अपनी बात वहां रखेंगे. यह सब मुझे बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है.” आदित्य ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया और अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया.
इस घटनाक्रम ने दिशा सालियान मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है, और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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