Nari Shakti Vandan Act 33% Reservation: सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में देश की नारी शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी मौजूदगी में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस ऐतिहासिक अधिनियम (Nari Shakti Vandan) को देश की 70 करोड़ महिलाओं के लिए ‘सशक्तिकरण का महामिशन’ करार दिया. मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं बल्कि देश के नीति-निर्धारण में बराबर की साझीदार बनेंगी.
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?
बता दें कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित एक अहम कानून है, जिसका मकसद राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है. इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी. यह आरक्षण अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं पर भी लागू होगा. हालांकि, इसे लागू करने से पहले जनगणना और परिसीमन जरूरी है. सरल शब्दों में यह कानून देश की राजनीति में महिलाओं को मजबूत और बराबरी का प्रतिनिधित्व देने की दिशा में बड़ा कदम है.
ऐक्ट (Nari Shakti Vandan) पर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान भवन में अपने संबोधान के दौरान कहा कि भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े निर्णयों में से एक लेने जा रहा है, एक ऐसा निर्णय जो नारी शक्ति को समर्पित है. प्रधानमंत्री ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश की संसद एक नया इतिहास रचने के निकट है जो अतीत के विजन और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा.
यही नहीं आगे सामाजिक न्याय के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि देश एक समतावादी भारत की कल्पना करता है जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है. प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक, दशकों की प्रतीक्षा अब समाप्त होने वाली है.
‘33% आरक्षण केवल कानून नहीं बल्कि संकल्प’
बताते चलें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को मिलने वाला 33 प्रतिशत आरक्षण एक युगांतकारी सुधार है. उन्होंने कहा कि यह कदम निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा.
अब देश की बेटियां न केवल वोट देंगी बल्कि देश के भविष्य का फैसला भी करेंगी.” उन्होंने सुषमा स्वराज और निर्मला सीतारमण जैसे नेतृत्व का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे महिलाओं ने वित्त और विदेश जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को संभालकर अपनी क्षमता सिद्ध की है.
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अभियान से कैसे जुड़ें?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में मौजूद हजारों महिलाओं से इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने एक विशेष नंबर 9667173333 साझा करते हुए आह्वान किया कि सभी महिलाएं इस पर मिस्ड कॉल देकर अभियान का हिस्सा बनें. उन्होंने ‘वूमेन-लेड डेवलपमेंट’ (महिला नेतृत्व वाले विकास) के नारे को बुलंद करते हुए कहा कि जब नारी सशक्त होगी, तभी विकसित भारत का संकल्प सिद्ध होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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