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‘वोकल फॉर लोकल’ से ‘आत्मनिर्भर भारत’ तक…! राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर अमित शाह का संदेश क्या?

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों से हथकरघा उत्पाद अपनाने और बुनकरों का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हथकरघा भारत की सांस्कृतिक विरासत का मजबूत आधार है.

National Handloom Day: देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अद्भुत शिल्प परंपरा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाले ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ पर आज पूरा देश अपने परिश्रमी बुनकरों और कारीगरों को सलाम कर रहा है. इस खास मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों और बुनकर समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए एक कड़क और प्रेरणादायक संदेश साझा किया.

अमित शाह ने रेखांकित किया कि भारत का हथकरघा क्षेत्र केवल एक उद्योग नहीं है बल्कि यह हमारे देश के महान स्वतंत्रता आंदोलन से ऐतिहासिक रूप से गहराई से जुड़ा हुआ है, जो भारत की अनमोल विविधता और स्वदेशी भावना का सबसे बड़ा प्रतीक है.

पीएम मोदी ने दी हथकरघा कला को नई पहचान(National Handloom Day Amit Shah)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि भारतीय हथकरघा बुनाई की प्राचीन कला को संरक्षित करने, इसे बढ़ावा देने और बुनकरों को वैश्विक मंच पर एक नया आयाम देने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ की ऐतिहासिक शुरुआत की थी.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार आज अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समझौतों (FTAs) और घरेलू सहयोग के माध्यम से देश भर के लाखों बुनकर भाइयों-बहनों के लिए कमाई और विकास के नए रास्ते खोल रही है. गृह मंत्री ने सभी देशवासियों से पुरजोर अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में हथकरघा उत्पादों को शामिल करने का मजबूत संकल्प लें.

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‘वोकल फॉर लोकल’ का दिया नारा

गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत देश के तमाम बड़े नेताओं ने भी बुनकरों को बधाई दी.

दिग्गजों ने कहा कि हथकरघा उत्पाद न केवल हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा जरिया हैं. ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का यह आह्वान ‘विकसित और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा.

-भारत एक्सप्रेस 



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